बलिया। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन मंगलवार को अभ्यर्थियों को परीक्षा से अधिक भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा। सूर्योदय के साथ ही तापमान बढ़ने लगा और दोपहर तक जमीन तपने लगी। करीब 40 डिग्री तापमान में हजारों अभ्यर्थी पसीने से लथपथ होकर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचे। परीक्षा केंद्रों के बाहर पेयजल और शेड की समुचित व्यवस्था न होने से उनकी परेशानी और बढ़ गई। पानी और छांव की तलाश में अभ्यर्थियों को इधर-उधर भटकना पड़ा।
पुलिस भर्ती परीक्षा में शामिल होने आए अभ्यर्थियों का कहना था कि परीक्षा की तुलना में मौसम ने अधिक परेशान किया। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण शरीर का पानी तेजी से सूख रहा था। लगातार प्यास लगने के बावजूद कई केंद्रों के आसपास पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। दुकानों पर भी भीड़ इतनी अधिक थी कि सभी को समय पर पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा था। ऐसे में लोगों को दूर जाकर पानी की व्यवस्था करनी पड़ी, जिससे थकावट और बढ़ गई। आसपास के जिलों से आए कई अभ्यर्थियों को शहर की सड़कों और केंद्रों की सही जानकारी नहीं होने के कारण भटकना पड़ा। भोजन, पानी और विश्राम की व्यवस्था तलाशने में उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
छांव की तलाश में हांफते रहे परीक्षार्थी और उनके परिजन
परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों और उनके परिजनों को पेयजल के साथ ऐसी जगह की तलाश रही, जहां कुछ देर बैठकर राहत मिल सके। केंद्रों के आसपास पेड़ों की छांव पहले से ही लोगों से भरी हुई थी। कई लोगों को जगह नहीं मिलने पर कलेक्ट्रेट परिसर का रुख करना पड़ा। कलेक्ट्रेट परिसर में जगह-जगह अभ्यर्थी और उनके परिजन पेड़ों की छांव में बैठे दिखाई दिए। टीडी कॉलेज चौराहा से डीएम आवास मार्ग तक सड़क किनारे पेड़ों के नीचे लोग गर्मी से राहत पाने का प्रयास करते रहे। कुंवर सिंह चौराहे के समीप एडीएम आवास के आसपास भी यही स्थिति देखने को मिली। जीजीआई की बाउंड्रीवाल के पास लगे पेड़ लोगों के लिए राहत का केंद्र बने रहे। परीक्षा केंद्रों के आसपास स्थित कॉलोनियों में भी लोगों ने छांव में बैठकर विश्राम किया।
ठेला और खोमचा दुकानदारों की कटी चांदी
पुलिस भर्ती परीक्षा के चलते शहर में बाहर से आए अभ्यर्थियों और उनके परिजनों की बड़ी संख्या पहुंची, जिसका लाभ ठेला और खोमचा दुकानदारों को मिला। सत्तू की लस्सी, जूस, फल, चाय और नाश्ते की दुकानों पर दिनभर ग्राहकों की भीड़ लगी रही। गर्मी से राहत पाने के लिए लोग सत्तू की लस्सी और जूस का खूब सेवन करते दिखाई दिए।
परीक्षा के बाद लगा जाम
पुलिस भर्ती परीक्षा की पहली पाली समाप्त होने के बाद दोपहर करीब 12 बजे शहर के प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति बन गई। कुंवर सिंह चौराहा से रेलवे क्रॉसिंग तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। छोटे-बड़े वाहन रेंगते नजर आए और चालकों को आगे बढ़ने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। जाम की स्थिति इतनी गंभीर थी कि दोपहिया वाहन चालक भी आसानी से नहीं निकल पा रहे थे। कई स्थानों पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। कड़ी धूप में फंसे वाहन चालकों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
प्रश्नपत्र काफी आसान था और किसी प्रश्न को हल करने में विशेष कठिनाई नहीं हुई। हालांकि गर्मी और परीक्षा कक्ष की व्यवस्था के कारण उनका ध्यान भटकता रहा, जिससे दो-तीन प्रश्न छूट गए। - किशन कुमार, पडरौना
प्रश्न सरल थे। गणित और तर्कशक्ति के कुछ प्रश्न अपेक्षाकृत कठिन लगे, लेकिन कुल मिलाकर परीक्षा अच्छी रही। सफलता की पूरी उम्मीद है। - उपेंद्र कुमार, आमदौर (गाजीपुर)
प्रश्नपत्र आसान था और सभी प्रश्न हल किए। परीक्षा से अधिक परेशानी गर्मी ने दी। माइनस मार्किंग नहीं होने से सफलता की संभावना अधिक है। - बृजेंद्र कुमार, कुशीनगर
अधिकांश प्रश्न तैयारी के अनुरूप थे। समय कम पड़ने के बावजूद अंतिम समय में सभी प्रश्न हल कर दिए। गर्मी के कारण परीक्षा देना चुनौतीपूर्ण जरूर रहा, लेकिन प्रश्नपत्र अपेक्षाकृत आसान था। - सुनील कुमार, कुशीनगर