बलिया। छपरा-वाराणसी रूट पर निर्माण कार्यों के चलते आधा दर्जन से ऊपर ट्रेनें निरस्त और रूट डायवर्ट हैं। रेलवे की प्रतिदिन करीब चार लाख की आय कम हो गई है। वहीं, यात्रियों का रुझान रोडवेज की तरफ बढ़ने से आय में एक लाख का इजाफा हुआ है।
रेलवे को विभिन्न ट्रेनों से रोज आठ लाख की आमदनी होती है। रोडवेज यात्रियों की संख्या को देखते हुए 77 से ज्यादा बसों का संचालन कर रहा है। त्योहार शुरू होने से पूर्व अगर बंद ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं हुआ तो यात्रियों को फजीहत झेलनी पड़ेगी। बलिया से होकर गुरजरने वाली लखनऊ एक्सप्रेस, बरौनी-अंबाला हरिहरनाथ एक्सप्रेस, बरौनी- गोंदिया एक्सप्रेस, दादर सेंट्रल- बलिया दादर एक्सप्रेस, छपरा- जालना एक्सप्रेस, नाहरलगुन -ओखा स्पेशल एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनें निरस्त है। निरस्त में पैसेंजर ट्रेनें भी शामिल है।
ट्रेन निरस्त होने से लोकल यात्रा करने वाले यात्री रोडवेज बस से अपने गंतव्य को आ जा रहे हैं। ट्रेनों के परिचालन की समस्या को देखते हुए रोडवेज ने लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, आजमगढ़, दिल्ली सहित अन्य शहरों के लिए बसों की संख्या बढ़ाने के साथ संचालन बढ़ाया है। रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि छपरा-मांझी व अन्य कई स्थानों पर निर्माण कार्य को लेकर अक्टूबर तक अभी कई ट्रेनें निरस्त होने की संभावना है।
यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ेगी। रोडवेज के लेखाकार महेश पांडेय ने बताया कि इस समय यात्रियों की संख्या बढ़ी है। इसको देखते हुए कई रूटों पर बसों का संचालन बढ़ाया गया है। लखनऊ व कानपुर के यात्रियों की सुविधा के लिए पूर्वाचल एक्सप्रेस से एसी बसों का संचालन हो रहा है।