निजीकरण के विरोध रेलवे स्टेशन के बाहर प्रदर्शन करते पूर्वोत्तर रेलवे श्रमिक संघ के सदस्य।
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बलिया। भारतीय रेलवे के निजीकरण के खिलाफ भारतीय रेलवे मजदूर संघ के आह्वान पर पूर्वोत्तर रेलवे श्रमिक संघ के साथ ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन, ऑल इंडिया गार्ड काउंसिल, ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टॉफ एसोसिएशन, उत्तर रेलवे कर्मचारी यूनियन द्वारा मंगलवार को बलिया स्टेशन पर सभा का आयोजन किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए पूर्वोत्तर रेलवे श्रमिक संघ के सहायक मंडल मंत्री मिश्री लाल ने कहा कि वर्तमान सरकार भारत की आर्थिक एवं सामाजिक संरचना को दरकिनार करते हुए भारत की कल्याणकारी संस्थाओं जैसे शिक्षा, चिकित्सा परिवहन, सुरक्षा, विद्युत आदि को निजी हाथों में सौंप कर देश को आर्थिक एवं सामाजिक गुलामी के कगार पर खड़ी कर रही है। भारतीय रेल कुछ गलत नियंताओं और नीतियों के कारण बदहाल दिखलाई जा रही है। जबकि रेलकर्मियों में वह दक्षता और क्षमता है कि लक्ष्य से ऊपर जाकर उत्पादन और संवर्धन कर सके। भारतीय रेल सिर्फ व्यवसायिक नहीं बल्कि कल्याणकारी संस्था भी है जो लाभ के साथ साथ समाज के एक बड़े वर्ग का पोषण भी करती है। अध्यक्ष हमीदुल्लाह ने कहा कि भारतीय रेल सिर्फ एक उद्योग नहीं बल्कि भारत की धमनी है। जिसके कटने या क्षतिग्रस्त होने से इस राष्ट्र की कई शिराएं सूख जाएंगी और यह देश अखंडता और एकता के सूत्र में पिरोए जाने से वंचित रह जाएगा। उपाध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि रेल के द्वारा उत्पादों की सस्ती ढुलाई से देश के कोने कोने में फैले उद्योग धंधे फल फूल रहे हैं। जिसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है, जो निजी हाथों में जाने से अत्यधिक महंगे होंगे। जिससे इस देश और समाज का एक बड़ा वर्ग आर्थिक और सामाजिक गुलामी में बंध जाएगा। हम इस देशवासियों के खून पसीने से सिंचित राष्ट्रीय संपत्ति को बचाने के लिए अंतिम दम तक संघर्ष करेंगे और सरकार को विचार करने पर बाध्य कर देंगे। इस मौके पर राजू राय, आलोक सिंह, भीम राम, विद्या प्रजापति, लल्लन, इम्तियाज, सुनील कुमार, संजय पावंडेय, सिराजद्दीन, शिवकुमार राणा, लवकुश, निखिल सिंह, संतोष कुमार आदि रहे।