बलिया रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को सियालदह एक्सप्रेस में एसी टू बोगी नहीं लगने के बाद टीटी को घेरक
- फोटो : BALLIA
बलिया। बलिया के मॉडल रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को बलिया-सियालदह एक्सप्रेस फोर्स के बल पर सियालदह के लिए रवाना की गई। हुआ यूं कि इस ट्रेन में जाने के लिए एसी टू की बोगी का टिकट तो काट दिया गया था, लेकिन सियालदह से बलिया आई ट्रेन में बोगी लगाई ही नहीं गई थी। उधर, एसी टू के पैसेंजर्स जब प्लेटफार्म पर पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि आप रिफंड ले सकते हैं। यह सुनते ही पैसेंजर्स भड़क गए। उन्होंने जमकर हंगामा किया। इस दौरान जैसे ट्रेन का समय हुआ उसने रेंगना शुरू कर दिया। यह देख भड़के पैसेंजर्स ने बोगी में जाकर चेन खींच दिया। ट्रेन के बढ़ने और चेन खींचने का क्रम लगभग दस से बारह बार हुआ। इस दौरान मौके पर आए स्टेशन अधीक्षक संजय सिंह ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन यात्री कुछ सुनने को तैयार ही नहीं थे। अंत में आरपीएफ और जीआरपी के जवान बोगियों में खड़े हुए और जिसने चेन खींचा उसे जबरन नीचे उतार दिया गया। यह क्रम भी लगभग चार से पांच बार हुआ इसके बाद ट्रेन रवाना हो सकी।
ट्रेन में सफर के लिए गांव से दो हजार रुपये में वाहन बुक कर परिवार के साथ मनीष दुबे ने बताया कि उन्होंने तीन माह पहले टिकट कराया था। उन्होंने अपना टिकट ऑनलाइन बुक किया था, इसके बावजूद रेलवे की ओर से टिकट कैंसिलेशन का मैसेज नहीं आया। अब जब वे स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ने के लिए आए हैं तो बताया जा रहा है कि बोगी ही नहीं लगी है। अब वे अपने पूरे परिवार को लेकर सड़क पर हैं। ऑफिस में बता चुुके हैं कि आ रहे हैं और अब जब नहीं पहुंचेंगे तो क्या जवाब देंगे। लेकिन उनके इन सवालों का जवाब किसी के पास नहीं था। उन्होंने बताया कि एसी टू बोगी में जितनी भी सीट होती है सब बुक थी, इसके बावजूद चालीस से अधिक पैसेंजर्स के लिए कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है। उनका कहना था कि यदि उन्हें एसी थ्री बोगी में भी जगह मिल जाती तो चले जाते, लेकिन टीटी का कहना था कि ट्रेन में लगी एसी थ्री की दोनों बोगियां फुल हैं तो वह उन्हें कहां से सीट दे।
मुड़ियारी सुल्तानपुर से आए शैलेंद्र का कहना था कि पूरे परिवार के साथ आया हूं। बॉस को स्थिति की जानकारी देने पर कह रहा है कि घर गए हो तो बहाना बना रहे हो। मेरी तो नौकरी पर आ गई है और रेलवे के टीटी हाथ में टिकट होने के बावजूद कह रहे हैं कि आप अनलिगल हैं। जाकर स्टेशन मास्टर से बात करिए। मैं आपकी कोई मदद नहीं कर सकता। चंदन कुमार का कहना था कि रेलवे ने यदि समय से बता दिया होता वे कुछ और प्लान कर सकते थे, लेकिन अब आखिर वे कहां जाएं।
मौके पर पहुंचे स्टेशन अधीक्षक संजय कुमार के सामने भी अजीब स्थिति थी। उन्होंने अधिकारियों को मामले की सूचना दी, लेकिन वे भी कुछ मदद नहीं कर पाए। स्टेशन पर बोगी मौजूद नहीं थी, ऐसी परिस्थिति में अधिकारियों ने जब ट्रेन किसी तरह रवाना करने का निर्देश दिया तो फिर आरपीएफ और जीआरपी के जवानों ने मोर्चा संभाला। जवान ट्रेन की सभी बोगियों में सवार हुए और जो भी चेन खींचने की कोशिश करता दिखा उसे नीचे उतार दिया गया। इसके बाद ट्रेन बलिया से रवाना हुई।
पीआरओ, एनआरआई, वाराणसी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि ट्रेन सियालदह से जिस हाल में आती है, वैसे ही यहां से रवाना कर दी जाती है। वहां से पिछले काफी दिनों से ट्रेन में एसी टू बोगी लगाकर नहीं भेजी जा रही है। इसे लेकर सियालदह से सीनियर डीओ को यहां से मैसेज भी किया गया है। शुक्रवार को कुछ यात्रियों को दूसरी बोगियों में जगह उपलब्ध कराई गई, जिन्हें बहुत अधिक आवश्यकता थी। बाकी ने अपनी यात्रा कैंसिल कर दी।