शराबी के उत्पात के बाद डरी-सहमी घर में बैठी रागिनी की मां और छोटी बहन।
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बजहां गांव निवासी मृत छात्रा रागिनी दूबे का परिवार एक बार फिर दहशत में आ गया है। मंगलवार को हत्यारोपियों के घर पर कार्य करने वाले एक नौकर ने नशे में धुत होकर रागिनी के घर के सामने हंगामा किया था। मामले मे गिरफ्तार नौकर पर पुलिस ने कार्रवाई तो की लेकिन 12 घंटे में ही जमानत पर छोड़ दिया। इससे रागिनी का परिवार एक बार फिर दहशत में आ गया है। उनका कहना है कि आरोपी ग्राम प्रधान पहले से ही हाईकोर्ट से जमानत पर जेल से बाहर आ गया है, ऐसे में उनके साथ कोई भी घटना हो सकती है।
मालूम हो कि रागिनी हत्याकांड के आरोपी बजहां गांव के प्रधान कृपाशंकर तिवारी का ड्राइवर दयाशंकर पासवान मंगलवार की सुबह नशे में धुत होकर रागिनी के घर पर तैनात सुरक्षाकर्मियों से किसी बात को लेकर उलझ गया ओर रागिनी के परिवार वालों को भी अनाप शनाप बक रहा था। पुलिसकर्मियों ने उसे दबोच कर थाने को सूचित किया जिस पर पुलिस उसे हिरासत में लेकर थाने लाई थी। रागिनी की मां वंदना देवी ने बताया कि बीते माह भी ऐसी ही घटना हुई थी। वंदना दूबे ने बताया कि सोमवार की शाम ही उन्होंने डीएम से मिलकर आरोपियों पर रासुका लगाने और सुरक्षा बढ़ाने की मांग की थी। बताया कि मंगलवार को आरोपी प्रधान के ड्राइवर ने घर के सामने हंगामा किया। ऐसे में परिवार एक बार फिर सुरक्षा को लेकर दहशत में है। रागिनी की मां वंदना देवी ने बताया कि बेटी के हत्यारोपियों पर धाराएं लगाने में पुलिस ने ढिलाई बरती है, जिस वजह से आरोपी ग्राम प्रधान को आसानी से जमानत मिल गई है। आशंका है कि पुलिस अन्य आरोपियों पर भी धीरे-धीरे धाराएं हटा रही है।
उन्होंने विवेचक पर भी संदेह जताया है। मालूम हो कि बजहां गांव में विगत आठ अगस्त को स्कूल जा रही कक्षा 12वीं की छात्रा रागिनी की गांव में सड़क पर निर्मम हत्या कर दी गई थी, जिस मामले में ग्राम प्रधान के पुत्र समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज दिया गया था।