पूर्वांचल के प्रमुख जिलों में शुमार बलिया जनपद जल्द ही पर्यटन के क्षेत्र में भी विकसित होने जा रहा है, इसकी तैयारी शुरू हो गई है। सब कुछ सामान्य रहा तो अगले छह माह में जनपद में करीब छह स्थान पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किए जाएंगे, जहां सैलानी आकर यहां की संस्कृति और पौराणिकताओं से अवगत होंगे तथा पर्यटन का आनंद उठाएंगे।
सांसद भरत सिंह और विधायक उपेंद्र तिवारी के संयुक्त प्रयास से केंद्रीय पर्यटन मंत्री डा महेश शर्मा के आदेश पर मंत्रालय की तरफ से दो सदस्यीय टीम यहां पहुंची तथा स्थलों का अध्ययन तथा पर्यटन की संभावनाओं को तलाशा। इस दौरान सांसद भरत सिंह एवं विधायक उपेंद्र तिवारी ने टीम के सदस्यों को यहां पर्यटन की अपार संभावनाओं से अवगत कराया।
उन्होंने कहा कि वाराणसी के बाद पर्यटन की दृष्टिकोण से बलिया जनपद काफी मायने रखता है, यहां की प्राचीनता और इतिहास काफी पुराना है। उन्होंने बताया कि पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए तो जिले में दर्जनभर से अधिक स्थल हैं, जो पर्यटन स्थल के लिए निर्धारित मानकों पर खरे उतर सकते हैं।
पर्यटन मंत्रालय की दो सदस्यीय टीम ईशान आनंद और वेंकटेश ने जिले के छह स्थानों पर जाकर वहां पर्यटन की संभावनाओं पर अध्ययन किया। इनमें महर्षि भृगु मंदिर, परसिया में परासर मुनि का आश्रम, सोहांव ब्लॉक के प्राचीन मंदिर कामेश्वरधाम कारो, बरईया का पोखरा, पियरिया शिवमंदिरधाम तथा बसंतपुर शहीद स्मारक शामिल हैं।
सांसद भरत सिंह और विधायक उपेंद्र तिवारी ने संयुक्त रूप से बताया कि केंद्रीय पर्यटन मंत्री डा महेश शर्मा ने जिले में पर्यटन स्थल विकसित करने का आश्वासन दिया है। जल्द ही जनपद पर्यटन के क्षेत्र में विकसित होगा। इसी उद्देश्य से पर्यटन मंत्रालय की तरफ से टीम यहां पहुंची है। टीम के सदस्यों ने कहा कि जनपद के प्रमुख स्थलों का निरीक्षण कर अध्ययन किया जा रहा है,
इसकी रिपोर्ट सात दिनों के भीतर तैयार कर मंत्रालय को प्रेषित कर दी जाएगी। एक माह के भीतर परियोजनाओं के संबंध में सार्थक परिणाम आ जाएंगे। इस मौके पर टीम के सदस्यों के साथ सांसद भरत सिंह, विधायक उपेंद्र तिवारी, शिव कुमार कौशिकेय, अभिषेक उपाध्याय, सुरजीत सिंह, हेमंत पाठक, अरुण सिंह बंटू, अभय वर्मा, धीरेंद्र तिवारी, राकेश चौबे, अरुण सिंह गामा, संजय सिंह, कमलेश सिंह संतोष कुमार आदि मौजूद रहे।