बलिया। प्रधानमंत्री नरेेंद्र मोदी के आह्वान पर रविवार को जनता कर्फ्यू का अभूतपूर्व असर रहा। आम और खास लोगों ने स्वत:स्फूर्त होकर जनता कर्फ्यू को समर्थन दिया। सभी दुकानेें बंद रहीं। वाहन नहीं चले जिससे सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। जनता कर्फ्यू को देखते हुए लोगों ने जरूरत के सामान की खरीदारी शनिवार को खरीद ली थी।
शहर का चौक-स्टेशन रोड हो, चौक-विजय सिनेमा रोड, चौक-लोहापट्टी रोड, चौक-दुर्गा मंदिर रोड हो या चौक आर्य समाज गुरुद्वारा रोड। सभी पर सन्नाटा नजर आया। लोग घरों के अंदर रहे। बिना किसी दबाव के लोग घरों में कैद रहे। जिला अस्पताल, महिला अस्पताल और स्टेशन को यदि अपवाद मान लिया जाए तो पूरे शहर में सड़क पर कोई नजर नहीं आया। जहां तहां पुलिसकर्मी या मीडिया से जुड़े लोग ही नजर आए। यह जनता की ओर से जनता के लिए जनता कर्फ्यू था जो अभूतपूर्व रहा। स्थिति यह रही कि चित्तू पांडेय रोड से लेकर कदम चौराहा तक तीन तक की दूरी तय करने में आम दिनों में पसीने छूट जाते थे लेकिन रविवार को यह दूरी महज पांच मिनट में ही तय हो गई।
इस पूरे मार्ग पर कोई चाय-पान तक की दुकान तक नहीं खुली थी। जो लोग ट्रेनों से बलिया आए थे उन्हें पैदल ही चलना पड़ा। रेलवे स्टेशन पर ऐसे भी बहुत सारे लोग दिखे जो सामान, महिला व बच्चों के साथ होने के कारण पैदल जाने में भी असमर्थ नजर आ रहे थे। घर जाने का कोई साधन नहीं था। ऐसे लोगों के लिए रेलवे प्रशासन की ओर से रुकने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन भोजन की दिक्कत बनी हुई थी। स्टेशन अधीक्षक संजय कुमार सिंह ने बताया स्टेशन पर यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। वेटिंग रूम को सैनिटाइज कराया गया है। पूरे स्टेशन पर सिर्फ एक दुकान खुलवाई गई है, जिससे लोगों चाय-पानी, बिस्कुट आदि मिलता रहे।
बीस वर्ष पहले लगी कर्फ्यू की याद आई
बलिया। शहर बीस वर्ष पूर्व 2000 में कर्फ्यू लगी थी जिसकी याद जनता कर्फ्यू के दिन आ गई। वर्ष 2000 की 10 फरवरी को ठीक बसंत पंचमी के दिन छात्रनेता नवीन पांडेय की हत्या के बाद 11 फरवरी की आधी रात के बाद पहली बार कर्फ्यू का सामना किया था। इसके पहले और बाद आज तक इस शहर ने कर्फ्यू का सामना नहीं किया। हालांकि तब कर्फ्यू के दौरान भी मेन सड़कों पर ही सन्नाटा पसर पाया था, बलिया की गलियां पहले की तरह ही गुलजार रहती थीं। इन गलियों सन्नाटा तभी होता था, जब प्रशासन की सायरन बजाती गाडि़यां इन इलाकों में पहुंचती थीं, उनके जाते ही फिर सड़कों पर विकेट गड़ जाते थे और दुकानों के आधे शटर खुल जाते थे।
जनता कर्फ्यू के दौरान सुना पड़ा गड़वार तिराहा।- फोटो : BALLIA
जनता कर्फ्यू के दौरान सुना पड़ा रेलवे स्टेशन परिसर।- फोटो : BALLIA
जनता कर्फ्यू के दौरान सुना पड़ा रोडवेज बस स्टेशन तथा खड़ी बसें।- फोटो : BALLIA
जनता कर्फ्यू के दौरान सुना पड़ा टीडी कालेज चौराहा।- फोटो : BALLIA
जनता कर्फ्यू के दौरान सुनी पड़ी द्वारिकापुरी कालोनी।- फोटो : BALLIA
जनता कर्फ्यू के दौरान सुना पड़ा कदम चौराहा-भृगु आश्रम मार्ग।- फोटो : BALLIA
नता कर्फ्यू के दौरान बंद पड़ी गुदरी बाजार स्थित दुकाने।- फोटो : BALLIA
जनता कर्फ्यू के दौरान कदम चौराहा पर तैनात पुलिस के जवान।- फोटो : BALLIA
जनता कर्फ्यू के दौरान के दौरान चित्तू पांडेय चौराहा से लोगों को घर में रहने की अपील करते शहर कोतव?- फोटो : BALLIA
जनता कर्फ्यू के दौरान बंद पड़ा होटल तथा सुनी पड़ी सड़के।- फोटो : BALLIA
जनता कर्फ्यू के दौरान बंद पड़ा चाय की दुकान।- फोटो : BALLIA