स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पं. महानंद मिश्र की 43वीं पुण्यतिथि शुक्रवार को क्रांति मैदान बापू भवन में मनाई गई। पुण्यतिथि पर गोष्ठी का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम से पूर्व पं. महानंद मिश्र के चित्र पर लोगों ने श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया। साथ ही उनके कृतित्व और व्यक्तित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कल्याण परिषद की मंत्री एवं पं. महानंद मिश्र की धर्मपत्नी राधिका मिश्र ने कहा कि पंडित जी के नाम पर पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर द्वारा जिले के विकलांगों की सुविधा के लिए मिड्ढ़ा में विकलांग पुनर्वास केंद्र की स्थापना की गई थी, जिसे बंद किया जाना दुखद है।
उत्तराधिकारी संगठन के जिला संयोजक शिवकुमार सिंह कौशिकेय ने क्रांतिवीर महानंद मिश्र के संपूर्ण जीवन पर प्रकाश डाला। भोजपुरी भूषण नंदजी नंदा ने महानंद मिश्र को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए अपनी रचना से उनको श्रद्धांजलि अर्पित की।
शायर हाफिज मस्तान ने अपनी देशभक्ति रचना से लोगों को ओतप्रोत कर दिया। इस दौरान अर्जुन प्रेमी, अब्दुल कैश तारविद, फतेहचंद्र बेचैन ने भी अपनी काव्य रचनाओं से उन्हें नमन किया। वहीं सरदार मनजीत सिंह, विजय बहादुर सिंह, योगेंद्र प्रसाद गुप्ता, अरुण त्रिपाठी, शिवमंदिर शर्मा, सरदार रणजीत सिंह, सरल चौरसिया ने भी स्वतंत्रता सेनानी मिश्र के जीवन पर प्रकाश डाला। संगोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार केपी श्रीवास्तव ने की।