जिले के विभिन्न पशु चिकित्सालयों में तैनात पशु चिकित्सा अधिकारियों ने गुरुवार को सदर पशु चिकित्सालय में काली पट्टी बांधकर कार्य बहिष्कार किया। इस दौरान पशु चिकित्सकों ने एनपीए (नान प्रेक्टिशन एलाउंस) प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कहा कि जहां प्रदेश भर में उनके समकक्ष मानव चिकित्सकों को एनपीए दिया जा रहा है। पशु चिकित्सकों को इस लाभ से वंचित कर दिया गया है।
संघ के अध्यक्ष डा. सत्यप्रकाश ने कहा कि प्रदेश सरकार हाईकोर्ट के आदेश के बाद उनके अधिकार को देने में हीलाहवाली कर रहे हैं। इसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। कहा कि अपना आंदोलन तब तक जारी रखेंगे, जब तक मांगें पूरी नहीं की जातीं। अपने न्यायोचित मांगों के समर्थन में हम सामूहिक अवकाश लेकर विरोध दर्ज कराते रहेंगे। कहा कि हमें एनपीए दिया जाए या कार्यदिवस के बाद प्रैक्टिस की छूट दी जाए।
अभी हाल ही में केंद्र सरकार ने एक पत्र लिखकर सभी राज्यों के पशु चिकित्सकों को एनपीए दिए जाने की बात कही है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, बंगाल, बिहार में पशु चिकित्सकों को एनपीए का लाभ मिल रहा है। फिर यहां के पशु चिकित्सकों को वंचित क्यों रखा गया है। इस मौके पर डा. सुशील कुमार, इमाम सिद्दीकी, डा. रविंद्र कुमार चक्रवर्ती, डा. हरिश्चंद, डा. टीजे पांडेय, अलतमस रजी, शिवचंद यादव, ए त्रिपाठी, जीवन लाल आदि मौजूद रहे।