बलिया। बिजली विभाग के सिस्टम में फाॅल्ट ने लोगों की परेशानी को बढ़ा दिया है। गर्मी की आहट से ही बिजली की आंख-मिचौली शुरू हो गई है। करोड़ों रुपये खर्च होने पर भी बिजली का सिस्टम पटरी पर नहीं दिखाई दे रहा है। फॉल्ट और अनियमित कटौती के कारण गांवों में 18 के बजाए 12 घंटे बिजली मिल रही है तो शहरों में भी 24 के बजाए 20 घंटे बिजली मिल रही है।
सरकार ने बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए कई योजनाएं संचालित की हैं। इसके तहत उपकेंद्र समेत अन्य जगहों पर ट्रांसफाॅर्मरों की क्षमता वृद्धि की गई है। इसके बाद भी फाॅल्ट की परेशानी कम नहीं हो रही है। शहर के कदम चौराहा व बहेरी क्षेत्र समेत शहर के मुख्य बाजार में विद्युत कटौती आम बात हो गई है। इन दिनों बिजली की समस्या से ग्रामीण बेहाल हो रहे हैं। बिजली के समय पर नहीं आने से ग्रामीणों के बहुत से कार्य प्रभावित हो रहे हैं। शहर में चौबीस घंटे में 20 से 22 घंटे सप्लाई हो पा रही है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में 12 से 16 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। इसकी मुख्य वजह बिजली की अनियमित कटौती, लो वोल्टेज, जर्जर तार और खंभे, ओवरलोड है। बदहाल आपूर्ति से किसानों की परेशानी बढ़ रही है। खेती की सिंचाई बाधित हो जा रही है। बिजली कब आएगी और कब जाएगी, इसका पता नहीं रहता है। कटौती से बोर्ड परीक्षार्थियों की तैयारी में बाधित हो रही है।
सप्लाई का यह है शासनादेश
ग्रामीण क्षेत्र18 घंटे
तहसील क्षेत्र22 घंटे
शहर क्षेत्र24 घंटे
हांफने लगे पावर स्टेशन, शुरू हो गई कटौती
पंदह। गर्मी शुरू होने से पहले ही बिजली कटौती शुरू हो गई है। पावर स्टेशन हांफने लगे हैं। गांवों में 18 से 20 घंटे विद्युत आपूर्ति का दावा अभी से फेल होता दिख रहा। यदि यही हाल रहा तो गर्मी बढ़ने के बाद आपूर्ति लोगों को रुलाना शुरू कर देगी। जर्जर व पुराने तारों के सहारे चल रही विद्युत व्यवस्था और मुसीबत बढ़ाएगी। लो वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या अभी से पैर पसारने लगी हैं। क्षेत्र के गौरामदनपुरा, कड़सर, पूर और रतसर फीडर से जुड़े गांवों में बमुश्किल 12 से 14 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। हाल यह है कि दिन में मुश्किल से 3 से 4 घंटे ही बिजली मिल रही है। इसके चलते गेहूं की सिंचाई भी नहीं हो पा रही है। लोगों का कहना है कि यदि यथा शीघ्र जर्जर हो चुके तारों को न बदला गया तो ऐसे हालात में गर्मी काटना काफी मुश्किल होगा।
परीक्षार्थियों को तैयारी में हो रही दिक्कत
बिजली कटौती व ट्रिपिंग के चलते बोर्ड परीक्षा की तैयारी करने वालों के सामने संकट खड़ा हो गया है। बिजली कब कट जाएगी, इसका कोई समय का निर्धारण नहीं है। ऐसे में परीक्षा की तैयारी करन वालों के सामने कई तरह की दिक्कत आ जा रही है। बिजली का आना व जाना परीक्षार्थियों के लिए समस्या बनी हुई है।
-
वर्जन
शासनादेश के अनुसार बिजली की सप्लाई होती है। फाॅल्ट आने पर ही कुछ समय के लिए कटौती होती है। प्रयास होता है कि फाॅल्ट को जल्द दूर किया जाए। ओवरलोड खत्म करने के लिए ट्रांसफाॅर्मरों की क्षमता वृद्धि की जा रही है।
-आरके सिंह, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड तृतीय।