बैरिया। उपजिलाधिकारी बैरिया अशोक चौधरी ने कहा कि जिम्मेदार पद पर होने के कारण उनकी जिम्मेदारी बनती है कि मामले का हल निकालें। यही बात बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह पर भी लागू होती है। हम दोनों की ही जिम्मेदारी है कि हम ऐसा कोई कार्य न होने दें जिससे आम लोगों का नुकसान हो।
अपने आवास पर शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में एसडीएम ने कहा कि हजारी सिंह विधायक के पुत्र हैं तो उनके भतीजे हुए। ठंडे मन से आम लोगों के बीच बैठ कर बातचीत के माध्यम से इसका हल निकलवाना चाहिए। रजिस्ट्रार कानूनगो निर्वाचन राधेश्याम राम को मारने पीटने में अगर कोई गलती से पहली बार शामिल हो तो उसे माफ किया जा सकता है, लेकिन यदि कोई इस तरह की घटनाओं का आदी है तो उसे किसी भी हाल में बख्शा नहीं जा सकता है। रही बात सीसीटीवी कैमरा बंद होने की तो यदि पुलिस कार्रवाई करना चाहे तो मोबाइल का लोकेशन लिया जा सकता है। विधायक सुरेंद्र सिंह को बड़ा भाई बताते हुए एसडीएम ने कहा कि वे अच्छे आदमी हैं, लेकिन उनके साथ रहने वाले कुछ लोग उन्हें गुमराह कर रहे हैं। ऐसे लोगों के चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। अन्यथा इस तरह के मामले भविष्य में भी सामने आते रहेंगे। उल्लेखनीय है की एक बीएलओ को हटाने की बात को लेकर तहसील में मारपीट हुई थी। इसमें दोनों तरफ से मुकदमा दर्ज किया गया है।
जो संगठन चाहेगा, वही होगा
तहसील के रजिस्ट्रार कानूनगो राधेश्याम राम ने कहा कि उनका मामला अब संगठन के पाले में है। संगठन के पदाधिकारी मामले में जो भी निर्णय लेंगे वह मान्य होगा। इसे लेकर सोमवार को जिला मुख्यालय पर संगठन की बैठक बुलाई गई है। बैठक में चर्चा के बाद जो भी निर्णय लिया जाएगा, उसी के हिसाब से कर्मचारी आंदोलन को लेकर अपनी रणनीति का खुलासा करेंगे।