टेट अनिवार्यता के विरोध में अध्यापक भवन में आयोजित बैठक को संबोधित करते प्राथमिक शिक्षक संघ क
बलिया। टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के नेतृत्व में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जनपदीय इकाई की बैठक मंगलवार को अध्यापक भवन में हुई। इसमें यह निर्णय लिया गया कि 26 फरवरी को शिक्षक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर एकत्र होकर टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता के विरोध में प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित करेंगे।
बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर भी टेट की शर्त लागू करना न्यायसंगत नहीं है। नियुक्ति के समय लागू नियमों के अनुसार चयनित शिक्षकों से अब टेट उत्तीर्ण करने की बाध्यता अनुचित है। इसी आदेश के विरोध में जनपद सहित प्रदेश के कई जनपदों में शिक्षक अपने-अपने जनपद मुख्यालयों पर एकत्र होकर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजेंगे।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने जनपद के सभी शिक्षकों से अपील किया कि 26 फरवरी को समय से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर आंदोलन को सफल बनाएं। इससे पूर्व विभिन्न शिक्षा क्षेत्रों के अध्यक्ष एवं मंत्रियों ने सीटेट की अनिवार्यता के विरोध में सामूहिक रूप से अपनी बात रखी। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह व संचालन जिलामंत्री डॉ राजेश पांडेय ने किया।
बैठक में सुनील सिंह, अजय मिश्र, ज्ञानेंद्र कुमार गुप्ता, अरुण पाण्डेय, अजीत पांडेय, अशोक यादव, नीरज सिंह, शक्ति मिश्र, सैफुद्दीन सुधीर सलवती।
शिक्षकों ने काली पट्टी बांध किया पठन-पाठन : बेल्थरारोड। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य किए जाने के विरोध में सीयर शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों ने मंगलवार को काली पट्टी बांधकर विरोध-प्रदर्शन किया। क्षेत्र के विभिन्न प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर पठन-पाठन किया। शिक्षकों का कहना है कि सेवा में कार्यरत शिक्षकों के लिए टीईटी को पुनः अनिवार्य किया जाना न्यायोचित नहीं है। संवाद