बलिया। दो माह पहले लॉकडाउन के दौरान मां मंगला भवानी मंदिर परिसर में पुजारी व अन्य लोगों ने चुपके से पूर्व में रहीं पुजारिन की मूर्ति लगा दी। लॉकडाउन के बाद जब इसकी जानकारी हुई तो लोग मूर्ति हटवाने का दबाव बनाने लगे लेकिन पुजारी पक्ष के लोग नहीं माने। दो माह बाद पुलिस ने मामले को समझने के बाद मंदिर परिसर से पुजारिन की प्रतिमा को बुधवार को हटवा दिया।
मंदिर की पुजारिन का निधन कुछ माह पहले हो गया था। मार्च महीने में लागू हुए लॉकडाउन में लोगों का मंदिर परिसर में प्रवेश वर्जित हो गया था। इसी बीच पुजारिन के परिवार व अन्य लोगों ने चुपके से मंदिर परिसर में ही पुजारिन की प्रतिमा स्थापित कर दी। जब लॉकडाउन खुला और लोगों की आवाजाही मंदिर में हुई तो पुजारिन की प्रतिमा देख भड़क गए। खासकर कोटवां नारायनपुर, नसीरपुर मठ, उजियार, सरयां आदि गांवों के लोगों ने पुजारी पर प्रतिमा हटाने का दबाव बनाया। जब पुजारी पक्ष के लोग नहीं माने तो ग्रामीणों ने बुधवार को इसकी शिकायत पुलिस चौकी कोरंटाडीह प्रभारी से की। इसको लेकर लंबी पंचायत चली और पुलिस ने मंदिर परिसर से अवैध तरीके से लगाई गई प्रतिमा को हटवा दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए।