बलिया। किसानों से गेहूं की खरीदारी को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। जिला प्रशासन ने कुल 71 केंद्रों का निर्धारण कर दिया है। एक अप्रैल से खरीदारी शुरू की जाएगी। अभी निर्धारित केंद्रों में सबसे अधिक क्रय केंद्र पीसीएफ के हैं। हालांकि, अभी शासन की ओर से खरीद का लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया है। उधर, किसानों ने पंजीकरण कराना भी शुरू कर दिया है।
किसानों को अनाज का माकूल मूल्य दिलाने को लेकर शासन के निर्देश पर जिले में कुल 75 गेहूं क्रय केंद्र बनाए गए हैं। प्रदेश सरकार की ओर से एक अप्रैल से गेहूं खरीद का निर्देश दिया गया है। इसे लेकर जिले में तैयारियां तेज हो गई हैं। अब तक कुल 71 क्रय केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इसमें मार्केटिंग विभाग के 25, पीसीएफ के 40, मंडी समिति के 4 और एफसीआई के दो क्रय केंद्र तय किए गए हैं। जिला विपणन अधिकारी की माने तो एक अप्रैल से तय किए गए सभी क्रय केंद्रों का संचालन शुरू हो जाएगा। यह भी बताया कि क्रय केंद्र प्रभारियों को किसानों की सुविधा के इंतजाम करने के निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने किसानों से भी अपील की है कि क्रय केंद्रों पर गेहूं को अच्छी तरह साफ करने के ही लाएं ताकि किसी तरह का विवाद नहीं हो।
बिना पंजीकरण नहीं हो सकेगी गेहूं की खरीद
बलिया। क्रय केंद्रों पर गेहूं की बिक्री करने के लिए किसानों ने भी पंजीकरण कराना शुरू कर दिया है। कुल 105 किसानों ने पंजीकरण कराया है। जिला विपणन अधिकारी की माने तो बिना पंजीकरण कराए किसानों के गेहूं की खरीद नहीं हो सकेगी।
खरीफ में पंजीकृत किसान पंजीकरण को कर सकते हैं नवीनीकरण
बलिया। खरीफ के दौरान धान बेचने के लिए पंजीकरण कराने वाले किसान को अगर गेहूं बेचना है तो वह खरीफ वाले पंजीकरण का ही नवीनीकरण कर सकते हैं। जिला विपणन अधिकारी ने बताया कि पूर्व के पंजीकृत किसानों को नया पंजीकरण कराना जरूरी नहीं है।
शासन के निर्देश पर जिले में कुल 71 गेहूं क्रय केंद्रों का निर्धारण कर दिया गया है। सभी केंद्र एक अप्रैल से संचालित हो जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर क्रय केंद्रों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। - अविनाश चंद्र सागरवाल, जिला विपणन अधिकारी, बलिया