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Ballia News: तालाब की भूमि पर 20 साल से अतिक्रमण

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सदर तहसील परिसर में आयोजित समाधान दिवस पर फरियादियों की फरियाद सुनते जिला​धिकारी एमपी सिंह।सूचन
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बलिया/बैरिया। चितबड़ागांव क्षेत्र से सरकारी तालाब की भूमि पर 20 साल से अतिक्रमण है। चार मकान बना लिए गए हैं। मामले में 50 बार शिकायत के बाद भी अतिक्रमण हटाने के लिए कार्रवाई नहीं की जा रही।
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ये शिकायत चितबड़ागांव के मनीष कुमार तिवारी संग ग्रामीणों ने संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी से की है। सदर तहसील में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में जनसुनवाई की गई। शिकायत के बाद नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी को तालाब की पैमाइश, सीमांकन, खूंटा गड़वाकर सरकारी भूमि चिह्नित कराने तथा तालाब की साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए गए।
सोहांव के ग्राम कोरंटाडही से आए एक फरियादी ने आरोप लगाया कि कुछ लोग उन्हें उनकी जमीन पर कब्जा नहीं करने दे रहे हैं। इस पर जिलाधिकारी ने नरही थाना प्रभारी को तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच करने तथा शिकायतकर्ता को उसकी भूमि पर कब्जा दिलाने के निर्देश दिए।
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बैरिया तहसील में उपजिलाधिकारी संजय कुशवाहा की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में 41 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें 28 मामले भूमि विवाद से जुड़े थे, जबकि 13 शिकायतें अन्य विभागों से संबंधित रहीं। मौके पर पांच मामलों का निस्तारण किया गया। जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए भेज दिया गया। तहसीलदार धर्मेंद्र कुमार, क्षेत्राधिकारी बैरिया आलोक कुमार गुप्ता, खंड शिक्षा अधिकारी पंकज कुमार मिश्र सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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112 शिकायतों में से केवल 10 का हुआ निपटारा
जिले में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में सोमवार को भूमि विवादों की शिकायतें सबसे अधिक रहीं। सदर तहसील में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में आयोजित जनसुनवाई में कुल 112 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें 10 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। जिलाधिकारी ने भूमि विवादों के मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई के निर्देश दिए। समाधान दिवस में भूमि विवाद, अवैध कब्जा, नाली निकासी, वरासत, बैनामा समेत विभिन्न प्रकार की शिकायतें आईं। भूमि संबंधी मामलों की अधिकता को देखते हुए जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग को निर्देश दिया कि लेखपाल, कानूनगो और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर विवादों का शीघ्र समाधान करें।

हमारे मौजा में खलिहान, गड़ही, डीह सहित अन्य सरकारी जमीन पर गांव के कुछ दबंग लोगों की ओर से अवैध रूप से कब्जा किया है। जिसको लेकर मुख्यमंत्री सहित जिलाधिकारी व तहसील दिवस के चक्कर काट रहे हैं। - राजेश पांडेय, सिंहाचावर कला


भूमि से संबंधित प्रकरण में जिलाधिकारी के आदेशों का पालन नहीं किया गया। कई बार जनसुनवाई, शिकायत और आवेदन देने के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की। दोषी अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए, जिससे मुझे न्याय मिल सके। -राजा शंकर तिवारी, नीरुपुर, सीताकुंड
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पति की 12 अक्तूबर 2024 को मौत हो गई थी। इसके बाद किसान जीवन दुर्घटना सहायता योजना के तहत आवेदन किया, लेकिन बिना उचित कारण के मेरा आवेदन निरस्त कर दिया गया। मेरी आर्थिक स्थिति कमजोर है। परिवार के पालन-पोषण में कठिनाई हो रही है। -चिंता देवी, चेरुईया
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परिवार रजिस्टर में दर्ज गलत नाम को निरस्त कर संशोधन कराने के लिए 16 मार्च और 28 अप्रैल को प्रार्थना पत्र दिया था। जांच एवं ग्राम पंचायत स्तर पर बैठक होने के बावजूद आज तक परिवार रजिस्टर में संशोधन नहीं किया गया। सुनैना देवी, निवासी बीबीपुर
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