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तालाब और पोखरे सूखने के कगार पर

Sat, 23 Apr 2016 10:32 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बलिया
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 भीषण गर्मी में गांव के तालाब व पोखरे सूखने के कगार पर हैं। इंडिया  मार्का हैंडपंप सहित घरों में लगे हैंडपंप भी जवाब देना शुरू कर दिया है।  सरकार के लाख प्रयास के बावजूद भी लोगों को शुद्ध पेयजल नसीब नहीं हो रहा  है। यही नहीं पोखरे या तालाबों में पानी का संचय भी नहीं किया जा रहा है,  लेकिन विभाग के कानों पर जूं तक नहीं रेग रही है।
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ग्रामीण इलाकों में तो  स्थिति और भी भयावह हैं।

सरकार द्वारा जल संरक्षण व पौधरोपण का कार्य तो  किया जा रहा है। लेकिन जमीनी स्तर के बजाय कागजों पर दिखाई नहीं दे रहा है।  पहले तो पोखरों और कुएं के पानी से ही आम जनमानस का शरीर स्वस्थ व शुद्ध  रहता था। लेकिन आज के दौर में लगा इंडिया मार्का हैंडपंप भी पानी के साथ  जहर उगलना तथा सूखना शुरू कर दिया है। वहीं तालाब, पोखरे व कुआं अतिक्रमण  की भेंट चढ़ गया है।

क्षेत्र के जमुई, कठौड़ा, सींकिया, मोहरो,  इशारपीठपट्टी, एकईल, लखनापार, बहेरी, भूडाडीह, पन्दह सहित दर्जनों गांवों  के हैंडपम्पों ने पानी देना बंद कर दिया है। लेकिन इसके लिए कोई ठोस प्रयास  प्रशासन द्वारा नहीं किया जा रहा है। जबकि जल संचय व संरक्षण के लिए  जनप्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारी महसूस नहीं कर रहे है।ं सरकार की योजनाओं को  अगर क्रियांवित कर प्रत्येक गांव के पोखरा, तालाब में पानी की उपलब्धता  सुनिश्चित  करा दिया जाए तो शायद आने वाले दिनों में प्राकृतिक आपदाओं से  आम जनमानस को बचाया जा सकता है। 
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