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Ballia News: पुलिस की अंतिम रिपोर्ट खारिज, आरोपियों को समन

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सोनभद्र। ओबरा निवासी व्यवसायी दंपती के खिलाफ दर्ज मामले में पुलिस की तरफ से दाखिल की गई अंतिम रिपोर्ट अदालत ने खारिज कर दी है। अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए अदालत ने बगैर आगे कोई विवेचना की प्रक्रिया अपनाए सीधे सुनवाई शुरू कर दी है।
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इसके लिए जहां केस को राज्य बनाम के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया है, वहीं बीएनएस की संबंधित धाराओं और एससी-एसटी एक्ट के तहत समन जारी कर आरोपियों को सुनवाई के लिए 30 अक्तूबर को उपस्थित होने के लिए कहा है।
ओबरा के बिल्ली मारकुंडी निवासी सुजीत कन्नौजिया ने खनन व्यवसायी सुधीर कुमार श्रीवास्तव, उनकी पत्नी और 7-8 अन्य अज्ञात के खिलाफ प्रार्थना पत्र दिया था। कहा था कि वह सुधीर की पत्नी रिंकी के नाम वाली फर्म में कंप्यूटर पर काम करता था।
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इसके लिए उसे हर माह 15 हजार दिए जाने की बात तय थी। कुछ माह बाद फर्म से खुद को अलग कर चार माह का बकाया 60 हजार पारिश्रमिक मांगने लगा। पहले टाल-मटोल किया गया बाद में अभिलेख गायब होने का आरोप लगाते हुए अपमानित किया और घर में घुसकर मारने की धमकी दी।
मामले में कोर्ट के आदेश पर गत 27 मई को ओबरा थाने में केस दर्ज हुआ था। लगाए गए आरोपों को झूठा ठहराते हुए पुलिस ने एक जुलाई को कोर्ट में अंतिम रिपोर्ट भेज दी। पीड़ित ने कोर्ट में उपस्थित होकर आपत्ति जताई और पुलिस की विवेचना पर सवाल उठाए।
विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट आबिद शमीम की कोर्ट ने मामले की सुनवाई की। पाया कि विवेचना सही तरह से नहीं की गई है, जबकि पीड़ित ने कोर्ट में प्रस्तुत प्रार्थना पत्र में कही गई बातों का पूर्ण समर्थन किया है।
ऐसे में अंतिम रिपोर्ट निरस्त करते हुए धारा-210 (ग) बीएनएसएस में प्रदत्त शक्तियों के जरिये आरोपी रिंकी श्रीवास्तव और सुधीर कुमार श्रीवास्तव उर्फ गणेश श्रीवास्तव को पूर्व में दर्ज मुकदमे में सुनवाई के लिए बुलाने के पर्याप्त आधार हैं। अंतिम रिपोर्ट निरस्त करने का आदेश जारी करते हुए कहा कि इस प्रकरण को राज्य बनाम रिंकी श्रीवास्तव आदि के रूप में पंजीकृत करते हुए कार्रवाई आगे बढ़ाई जाए।
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