शादी का झांसा देकर धन, आभूषण व अन्य कीमती सामान लेकर फरार होने वाले गैंग की गिरफ्तारी के बाद रसड़ा पुलिस उसका इतिहास खंगालने में जुट गई। आरोपियों के मोबाइल नंबर का सीडीआर भी पुलिस खंगाल रही है। साथ ही पुलिस गैंग से मुलाकात कराने वाले बरेली निवासी तेजपाल सहित एक अन्य की तलाश कर रही है।
नगरा थाना क्षेत्र के ककरी गांव निवासी कमलेश ने पत्नी, बेटी व पड़ोसियों के साथ मिलकर गैंग तैयार कर लिया था। वह दिल्ली व उसके आसपास के क्षेत्रों में अधेड़ और जिसकी शादी नहीं होती थी, उनको अपने जाल में फंसाता था। झांसा देकर बक्सर, गाजीपुर, मऊ या बलिया के किसी मंदिर में शादी करवाता था। शादी के लिए लड़का खोजने वाले को लूट के अनुसार हिस्सेदारी देते थे। पुलिस की पूछताछ में कमलेश ने बताया की वह पत्नी और बेटी के साथ अक्सर पश्चिम क्षेत्रों में भ्रमण करता था। घटना को अंजाम देकर अंडर ग्राउंड रहते थे। शादी तय होने के बाद मोबाइल नंबर तक बदल देते थे।
थाना प्रभारी क्षितिज त्रिपाठी ने बताया कि घटना के बाद इनकी शिनाख्त करना मुश्किल काम था। इस बार उन्होंने गांव के पास घटना को अंजाम देकर गलती कर दी। बताया कि अगर इनके खिलाफ पुराना रिकार्ड मिल गया तो बड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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गांव के लोग भी थे परेशान, पुलिस ने किया चालान
नगरा थाना क्षेत्र के ककरी गांव निवासी लुटेरी दुल्हन गैंग की तीन महिलाओं समेत चार की गिरफ्तारी से ग्रामीणों को सुकून मिला है। इनकी हरकतों से सभी परेशान थे। रसड़ा थाने की पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर चालान कर दिया है।
नगरा मुख्यालय से चार किमी उत्तर ककरी गांव के क्रिश्चियन मुहल्ला निवासी कमलेश पहले हलधरपुर मऊ में ड्राइवरी करता था। इस दौरान उसका संबंध मीना से हुआ। पांच वर्ष पूर्व मीना को लेकर ककरी चला आया। मीना कमलेश की दूसरी पत्नी है। दोनों ने अपनी पुत्री पूजा को भी इस धंधे में उतार दिया। यही नहीं मीना ने पड़ोसी कमली देवी को भी गैंग में शामिल कर लिया। कमलेश ससुर की भूमिका निभाता था और उसकी पत्नी मीना सास का रोल करती थी। उसकी पुत्री दुल्हन की भूमिका निभाती थी।
गैंग के सदस्य शादी के इच्छुक युवकों को अपनी जाल में फंसा कर शादी का नाटक करने के बाद दुल्हन बनी युवती सारा सामान लेकर चंपत हो जाती थी। पड़ोसी कमली दादी का रोल करती थी। ग्रामीणों की मानें तो इनके घर हर समय संदिग्ध लोगों का आना-जाना था। इससे गांव वाले परेशान रहा करते थे। इसकी कई बार पुलिस से शिकायत भी हुई थी। ग्रामीण बताते हैं कि गांव की कुछ अन्य महिलाएं भी इनके संपर्क में थीं। हालांकि कमलेश के पास पांच मंडा व कमली के पति रुदल के पास एक बीघा खेत है। क्षेत्राधिकारी मुहम्मद फहीम कुरैशी का कहना है कि गैंग के अन्य सदस्यों का पता लगाया जा रहा है।