सीएमओ कार्यालय के पास संचालित पूर्वाचल अस्पताल में पहली बार लापरवाही से मौत का मामला नहीं आया है। परिजनों अनुसार हर वर्ष दो से तीन मौतें होती हैं। अस्पताल संचालक चन्द्रशेखर सिंह एक रजिस्ट्रेशन पर तीन अस्पताल का संचालन करते हैं। जिस अस्पताल का रजिस्ट्रेशन है, वह मानक के अनुसार नहीं है। विभागीय संरक्षण से चलता है। गर्भवती या प्रसूता की मौत होने से परिजनों की शिकायत के बावजूद विभाग कार्रवाई नहीं करता है। छह माह पूर्व बांसडीह रोड थाना क्षेत्र की एक गर्भवती की मौत होने पर विभाग ने सिर्फ नोटिस जारी किया। अधिकतर परिजनों को पैसा देकर सुलह समझौता करा दिया जाता है। तीनों अस्पतालों के सामने से रोजाना सीएमओ से लेकर विभाग के अधिकारियों का आना जाना रहता है। ऊंची पहुंच व अधिकारियों के मिलीभगत से अस्पताल का बेखौफ संचालन होता रहा है। इसमें आए दिन लापरवाही से मौतें होती रही।
दुबहड़ थाना के रामपुर बोहा गांव निवासी सोनू यादव की पत्नी रिंकू यादव दूसरी बार गर्भवती थीं। शुक्रवार की सुबह में प्रसव पीड़ा होने पर गांव की आशा बहू को जानकारी दी। दुबहड़ सीएचसी व महिला अस्पताल ले जाने की जगह रिंकू को सीएमओ कार्यालय के पास संचालित मानक विहीन निजी अस्पताल में लेकर पहुंची। संचालक ने महिला अस्पताल में तैनात अपने डॉक्टर पुत्र की ओर से अच्छा ऑपरेशन कराने की बात कही। रिंकू के भाई पंकज यादव ने कहा कि उक्त डॉक्टर ने ऑपरेशन किया। लापरवाही से ऑपरेशन करने के कारण जुड़वा नवजात बच्चों की मौत हो गई। बहन को होश न आने पर पूछने पर 24 घंटे में होश आने की बात कही। जबकि गलत ऑपरेशन करने के कारण उसकी भी मौत हो चुकी थी, उसके बावजूद रेफर किया। एक दिन पहले ही ऐसे मामले में एक आशा की सेवा समाप्त की गई थी।
प्रसूता व दो नवजात बच्चों की मौत की शिकायत पर पूर्वाचल अस्पताल को सील किया गया है। उसी नाम से मिलते जुलते दूसरे अस्पताल की ओटी को सील किया गया है। तीसरे अस्पताल की जांच चल रही है, जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। अन्य अस्पतालों के खिलाफ जांच के बाद कार्रवाई होगी। -डॉ. आनंद कुमार सिंह, प्रभारी सीएमओ, बलिया
क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी
प्रसूता और दो नवजात बच्चों के आपरेशन के दौरान मौत मामले में परिजनों की तहरीर पर चिकित्सक सहित अन्य पर प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। -कृपाशंकर, एएसपी दक्षिणी