बलिया। लाख प्रयास के बावजूद यूपी-बिहार सीमा पर शराब और पशु तस्करी का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। पुलिस के लिए अपने ही राह में रोड़ा बने हुए हैं। तस्करों संग सांठगांठ में दो उपनिरीक्षक सहित 15 जवानों को पूर्व एसपी ने निलंबित किया था।
बैरिया के जय प्रकाश नगर और सहतवार थाना क्षेत्र में अंग्रेजी शराब बरामदगी में तस्कर को छोड़ने और शराब बेचने के मामले में पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई थी। एडीजी वाराणसी पीयूष मोर्डिया और डीआईजी वैभव कृष्ण ने छापा मारकर नरही वसूली कांड का खुलासा किया था।
इसमें थाना प्रभारी, सदर क्षेत्राधिकारी सहित एएसपी व पुलिस अधीक्षक तक पर गाज गिरी थी। तमाम कार्रवाइयों के बावजूद बैरिया की सुरेमनपुर पुलिस चौकी, सहतवार, बांसडीह, सिकंदरपुर, दुबहड़, कोतवाली थाने के नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में रात में तस्कर शराब व पशुओं को बिहार पहुंचा रहे हैं।
इन क्षेत्रों में शराब की तस्करी कुटीर उद्योग बन गया है। चंद पैसों के लालच में युवा वर्ग शामिल होकर तस्करी कर रहे हैं। जिले के 10 थाना क्षेत्र बिहार बार्डर से लगते हैं। शराब व पशु तस्करी पर नकेल लगाना नवागत एसपी ओमवीर सिंह के लिए चुनौती होगी। उससे से बड़ी चुनौती तस्कराें और पुलिस की सांठगांठ को खत्म करना होगा।
एसपी ओमवीर सिंह ने कहा कि तस्करी और अवैध वसूली में पुलिस की संलिप्तता मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। बार्डर क्षेत्रों में तस्करी पर रोक रहेगा।
भमोरा। फाईल फोटो अंजली- फोटो : mathura