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पीएम आवास योजना: अब तक महज 31 फीसदी लाभार्थियों का ही चयन

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बलिया। वर्ष 2021-22 में कोरोना काल व पंचायत चुनाव के चलते पीएम आवास का लक्ष्य काफी विलंब से मिला। अब तक लक्ष्य के सापेक्ष 31 फीसदी लाभार्थियों का ही चयन हो सका है। अधिकांश ब्लॉकों में लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया अभी चल रही है।
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वर्ष 2015-16 में पूर्व से संचालित इंदिरा आवास योजना के स्थान पर केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना को लागू किया। इस योजना के तहत आवास आवंटन के तरीकों में भी बदलाव करते हुए सेक (सामाजिक आर्थिक जातीय गणना) सूची में शामिल गरीबों को आवास देने का प्रावधान किया गया। हालांकि यह योजना पूरी तरह वर्ष 2016-17 में धरातल पर उतरी। योजना के तहत सेक डाटा में शामिल लाभार्थियों का चयन किया जाता है। इसके बाद इन लाभार्थियों का सत्यापन ब्लॉकों के देखरेख में संबंधित ग्रामसभा में बैठक कर कराने का प्रावधान है। हालांकि आवास को लेकर बनी स्थायी प्रतीक्षा सूची में अनुसूचित जाति व जनजाति के किसी लाभार्थी के नहीं होने के कारण वर्ष 19-20 में शासन की ओर से केवल सामान्य वर्ग के लिए 5860 आवास उपलब्ध कराए गए। इसके बाद भारत सरकार के निर्देश पर आवास प्लस योजना के तहत वर्ष 2020-21 में किए सर्वे में छूटे हुए पात्रों को आवास देने की प्रक्रिया शुरू हुई। इसके तहत भारत सरकार की ओर से इस साल जिले को कुल 8833 आवास उपलब्ध कराए गए हैं। अधिकारियों की मानें तो अब लाभार्थियों की सूची सीधे संबंधित बीडीओ की लॉगिन पर उपलब्ध होती है और इसका सत्यापन कराने के बाद लाभार्थियों की पत्रावली स्वीकृत के लिए डीआरडीए को भेजी जाती है। अब तक लक्ष्य के सापेक्ष कुल 2735 लाभार्थियों के आवास निर्माण की स्वीकृति हो सकी है।
इस साल पीएम आवास का लक्ष्य विलंब से मिला। सभी ब्लॉकों में लाभार्थियों का सत्यापन कर चयन प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही यह कार्य पूरा हो जाएगा। - डीएन दुबे, पीडी, डीआरडीए
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