बीएसए कार्यालय में आयोजित शिक्षामित्रों के धरने को संबोधित करते शिक्षक नेता गणेशजी सिंह।
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सम्मान वापसी के लिए शिक्षामित्र संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित शिक्षामित्रों की निर्णायक जंग सातवें दिन मंगलवार को भी जारी रही। विभिन्न शिक्षक-कर्मचारी संगठनों की उपस्थिति में शिक्षा मित्रों ने सरकार की सुद्बुद्धि के लिए शुद्धि यज्ञ किया। वहीं, बीएसए कार्यालय का ताला भी लगातार सातवें दिन बंद रहा।
कर्मचारी नेता रामराज तिवारी ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से लड़ी जाने वाली लड़ाई में हमेशा जीत होती है। शिक्षामित्र साथी धैर्य बनाकर अपनी लड़ाई जारी रखे, सरकार को झुकना पड़ेगा। सीनियर बेसिक शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सुशील पांडेय कान्हजी ने कहा कि शिक्षामित्रों की लड़ाई जायज है। इनकी मांग पर सरकार सहानुभूतिपूर्वक निर्णय नहीं लेती है तो प्रदेश भर के विद्यालयों पर ताला लटका दिया जायेगा। शिक्षक नेता जितेंद्र सिंह ने कहा कि शिक्षकों के धैर्य में इतनी ताकत है कि सरकार को अंतत: झुकना ही पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि शिक्षामित्र लगातार 17 वर्ष से बेसिक शिक्षा विभाग के अभिन्न अंग के रूप में कार्य कर रहे है। इनके साथ किसी भी दशा में अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। प्राथमिक शिक्षक संघ इनके हर कदम पर साथ देगा। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिला मंत्री वेद प्रकाश पांडेय ने कहा कि शिक्षामित्रों की लड़ाई में प्रदेश के विभिन्न विभागों के कर्मचारी संगठन साथ खड़े है और न्याय मिलने तक साथ खड़े रहेंगे। शिक्षक नेता अवधेश सिंह ने कहा कि शिक्षामित्रों की लड़ाई में संगठन पूरी तन्मयता से साथ है।
शिक्षक एमएलसी चेतनारायण सिंह के प्रतिनिधि राधेश्याम यादव ने कहा कि शिक्षा मित्रों के संकट को हल करने के लिए एमएलसी चेतनारायण सिंह ने पूरे प्रदेश में शिक्षामित्रों की लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया है। संजय यादव, शर्मानाथ यादव, रवीन्द्र सिंह, रमाशंकर राय, जयप्रकाश पांडेय, घनश्याम चौबे, सरल यादव, काशीनाथ यादव, पंकज सिंह, जितेंद्र राय आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता गुप्तेश्वर सिंह व संचालन अनिल मिश्र ने किया।