रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग को पारदर्शी बनाने के लिए आधार सत्यापन को अनिवार्य किया है। फर्जीवाड़े को रोकने व जरूरतमंद व्यक्ति को सहूलियत से टिकट मिल सके इसके लिए आनलाइन टिकट बुकिंग के दौरान आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी डालने पर बुकिंग होगा।
इस माह के अंत तक यात्रा के दौरान टीटी तत्काल टिकट वाले यात्री के आधार कार्ड की जांच अपने मोबाइल में मौजूद एम-आधार ऐप से आधार कार्ड के क्यूआर कोड को स्कैन करके यात्री की पहचान सत्यापित करेगा। दोनों में अंतर मिलने पर यात्री व टिकट उपलब्ध कराने वाले पर कार्रवाई होगी।
गर्मी लगन व त्यौहार के सीजन में तत्काल टिकट कराने के लिए टिकट काउंटर पर 24 घंटे लाइन लगने व रतजगा करने के बावजूद लोगों को टिकट नहीं मिलता है। टिकट माफिया प्रतिबंधित एप के माध्यम से किसी के भी नाम पर चंद सकेंड में टिकट बनाकर उसे मनमाने दर पर बेचते हैं।
रेलवे इस फर्जीवाड़ा पर नकेल कसने व जरूरतमंद व्यक्ति को टिकट उपलब्ध को इसके लिए तत्काल टिकट बनाने के दौरान आधार कार्ड जरूरी कर दिया है। टीटी यात्रा के दौरान तत्काल टिकट उसी व्यक्ति का है कि नहीं एम आधार एप के माध्यम से आधार कार्ड का वेरीफाई करेंगे।
अगर दोनों में अंतर मिला तो कार्रवाई होगी। रेल अधिकारी की मानी तो ऑनलाइन तत्काल टिकट बुकिंग में अनियमितताओं पर लगाम कसने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सॉफ्टवेयर की मदद से पिछले छह माह में आईआरसीटीसी के 2.4 करोड़ से अधिक यूजर्स का खाता डीएक्टिवेट कर ब्लॉक किया गया है और 20 लाख खाते की जांच चल रही है।
आईआरसीटीसी वेबसाइट पर आनलाइन तत्काल टिकट करने के दौरान भी आधार सत्यापन के बाद ही बुकिंग होगी।
तत्काल टिकट के फर्जीवाडा रोकने व आम आदमी को टिकट मिले इसके लिए रेलवे बड़ा कदम उठा रहा है। इस माह के अंत तक आनलाइन तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान आधार कार्ड से जुड़े मोबाइल पर ओटीपी जाएगा। ओटीपी नंबर डालने पर टिकट बुक होगा।
यात्रा के दौरान टीटी एम आधार एप के माध्यम से तत्काल टिकट वाले यात्री का आधार वेरिफाई करेंगे। फर्जी मिलने पर कार्रवाई होगी। -- अशोक कुमार, जनसम्पर्क अधिकारी वाराणसी।