शहर कोतवाली के सामने जल निगम द्वारा खोदा गया गड्ढा।
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शहर कोतवाली के सामने बलिया-बांसडीह मार्ग पर सड़क के बीचो-बीच जल निगम द्वारा बिना सूचना के सीवर कार्य के लिए खोदे जा रहे गड्ढे को लेकर पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड के बीच ठन गई। पीडब्ल्यूडी एक्सईएन एमपी चौरसिया ने कोतवाली में जल निगम के खिलाफ तहरीर दिया। सूचना मिलते ही जल निगम के एक्सईएन अलाउद्दीन कोतवाली पहुंच गए, जहां अधिकारियों के बीच वार्ता होने के घंटों बाद समझौता हुआ, तब मामला शांत हुआ।
पीडब्लूडी निर्माण खंड के एक्सईन एमपी चौरसिया का आरोप है कि जनवरी माह में कोतवाली में नगर मजिस्ट्रेट मनोज कुमार पांडेय व सीओ सिटी हितेंद्र कृष्ण की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान यह तय हुआ था कि विद्युत विभाग एवं जल निगम सड़क निर्माण से पूर्व अपना-अपना कार्य एक पखवाड़े में पूर्ण करा लेंगे।
इसके अलावा कोई अन्य कार्य करने की आवश्यकता पड़ी तो विभाग को सूचित कर देंगे। लेकिन जल निगम द्वारा ऐसा नहीं किया गया। बल्कि बिना सूचना दिए बगैर ही कोतवाली के सामने बलिया-बांसडीह मार्ग पर सड़क के बीचो-बीच सीवर कार्य के लिए जेसीबी से गड्ढा खोद दिया।
चूकि गड्ढा करीब 20 तक खोदा जाता है और किसी तरह उसे भरकर छोड़ दिया जाता है। जिसके चलते सड़क क्षतिग्रस्त होने की संभावना बढ़ जाती है। वहीं जल निगम के एक्सईएन अलाउद्दीन का कहना है कि जिस जेई ने सीवर के लिए चिह्न लगाया था, उस जेई का स्थानांतरण हो गया। इसीबीच कई मकानें भी बन गई। जिसके कारण नवागत जेई द्वारा सीवर कार्य के लिए गड्ढा खोदवाया गया।
इस मामले में पीडब्लूडी के एक्सईएन ने जल निगम के विरूद्ध कोतवाली में तहरीर दिया। लेकिन घंटों बाद दोनों विभाग के एक्सईएन के बीच समझौता हुआ, तब जाकर मामला शांत हुआ। इस बाबत कोतवाल शशि मौलि पांडेय दोनों विभाग के बीच समझौता हो गया है। कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।