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बाढ़ की आशंका से तटवर्ती गांवों के लोग भयभीत

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बेल्थरारोड। सरयू का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है जिससे तटवर्ती गांवों के लोग बाढ़ की आशंका को लेकर भयभीत हैं। पिछले एक पखवारे से नदी लाल निशान के ऊपर बह रही है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शुक्रवार को अपराहन जल स्तर 64. 310 मीटर दर्ज किया गया, जो लाल निशान से तीन सेंटीमीटर अधिक है। जबकि खतरे का निशान 64.010 है।
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आयोग का कहना है कि आधा- आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर में वृद्धि हो रही है। आयोग ने अगले 24 घंटे में जलस्तर में वृद्धि जारी रहने की संभावना जताई है। बाढ़ से बचाव के लिए लोग सुरक्षित स्थानों की शुरू कर दिया है। उधर, बाढ़ का पानी रिहायशी क्षेत्रों में फैला हुआ है। रेगुलेटरों से रिसाव के चलते क्षेत्र के सैकड़ों एकड़ धान, अरहर एवं पशुओं का चारा आदि जलमग्न हो गया है।
पानी में डूब जाने के चलते फसलों के बर्बाद होने की संभावना बढ़ गई है। हाहानाला से चैनपुर गुलौरा, टंगुनिया तक कई किलोमीटर भू-भाग में पानी फैल गया है। टीएस बंधा से सटकर नदी का पानी बह रहा है। चैनपुर गुलौरा के कब्रिस्तान तक नदी का पानी पहुच गया है। तुर्तीपार और हल्दीरामपुर रेगुलेटरों पर पानी का दबाव बढ़ गया है। तुर्तीपार गांव के माली और मल्लाह बस्ती तक पानी पहुच गया है।
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लोगों को आवागमन में फजीहत उठानी पड़ रही है। गुलौरा-मठिया के शिव मंदिर और बेल्थरा बाजार के गौतम बुद्ध घाट स्थित मंदिर तक नदी का पानी पहुच गया है। नदी के कुछ तटवर्ती क्षेत्रों में कटान हो रही है। जलस्तर में वृद्धि का सिलसिला जारी रहा तो बाढ़ की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
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