बलिया। जिले में बृहस्पतिवार को शैक्षणिक संस्थानों में विश्व हाथ धुलाई दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में शिक्षक के साथ छात्रों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया। बच्चों को बताया गया कि हाथ धोने के लिए लोगों में जागरूकता लाने के दृष्टिकोण से 2008 में ग्लोबल हैंडवाश ड़े की शुरूवात की गई। विश्व भर में प्रत्येक वर्ष 15 अक्टूबर को विश्व हाथ धुलाई दिवस मनाया जाता है। इस बार की थीम %सभी के लिए स्वच्छ हाथ % है। हाथ धोने से वायरस, वैक्टीरिया के बढ़ने की क्षमता व खतरा कम हो जाता है। इससे कोरोना, फ्लू, टीबी एवं श्वांस सम्बन्धी बीमारी पर यथासम्भव नियंत्रण पाया जा सकता है। कोरोना संक्रमण काल में बार-बार हाथ धोने की प्रक्रिया वरदान साबित हो रहा है।
नगरा। विश्व हाथ धुलाई दिवस के अवसर पर नरही स्थित नरहेजी महाविद्यालय में निबंध, पोस्टर, स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें भारी संख्या में छात्र छात्राओं ने सहभाग किया। प्राचार्य डॉ सुशीला सिंह ने कहा कि सभी रोगों की जननी गंदगी है। छात्र छात्राओं ने प्रतियोगिता के बाद गॉव भ्रमण कर ग्रामीणों का हाथ धुलवा कर जागरूकता अभियान चलाया। शोभा मिश्रा, श्वेता सिंह ,राजेश सिंह, यास्मीन बानो, डॉ कृष्ण मोहन सिंह आदि रहें।
हल्दी। विश्व हाथ धुलाई दिवस के मौके पर शिक्षा क्षेत्र बेलहरी के प्राथमिक विद्यालय बिगहीं के प्रधानाध्यापक द्वारा बच्चों, रसोई माताओं को सही प्रकार से हाथ धोने का तरीका समझाए गए। क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बिगहीं में प्रधानाध्यापक बिपीन तिवारी ने कहा कि ये कीटाणु भोजन के साथ बच्चों के पेट में पहुंच जाते हैं। और हमें बीमार कर देते हैं। इस अवसर पर सहायक अध्यापक प्रभात उपाध्याय जनार्दन तिवारी आदि रहे।
रसड़ा।क्षेत्र के पकवाइनार स्थित बाबा रामदल सूरजदेव स्मारक पीजी कालेज में विश्व हाथ धुलाई दिवस के अवसर पर बेविनार का आयोजन किया गया। प्राचार्य डॉ0 आशुतोष कुमार सिंह ने कहा की स्वच्छता ही बीमारी से लड़ने का पहला हथियार होता है। स्वच्छ हाथ ही हमारे स्वास्थ्य और सुरक्षित जीवन की कुन्जी है। सफाई के अभाव में संक्रमण का खतरा हमेशा बना रहता है। इस मौके पर डॉ0 अब्दुल रब सिद्दीकी, आनंद विक्रम सिंह, संतोष कुमार, प्रमोद कुमार, श्रीमती प्रियंका सिंह, प्रियंका यादव, अवनीश मिश्रा आदि उपस्थित