जिला अस्पताल में मरीजों का उपचार करते चिकित्सक।संवाद
बलिया। जिले में लगातार तीन दिन हुई बारिश के बाद तापमान में चार डिग्री कमी आई है। दिन में तेज धूप व सुबह शाम ठंड का अहसास हो रहा है। मानसून की विदाई लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है। सर्दी-जुकाम, तेज बुखार व अस्थमा मरीजों की संख्या बढ़ रही है। बिना चिकित्सक के सलाह के खुद से मेडिकल स्टोर से एंटीबायोटिक दवा लेना सेहत पर भारी पड़ सकता है।
जिला अस्पताल में सोमवार को ओपीडी में 1327 से अधिक मरीज इलाज कराने पहुंचे। सबसे ज्यादा भीड़ फिजिशियन, चेस्ट रोग विभाग व बालरोग ओपीडी में रही। सर्दी-जुकाम व वायरल बुखार के मरीजों को राहत मिलने के बाद सीने में जकड़न व सांस लेने की परेशानी ज्यादा आ रही है। सागरपाली गांव निवासी सुदर्शन ने बताया कि तीन दिन बाद बुखार से राहत मिलने के बाद खांसी व सीने में जकड़न से परेशानी बढ़ गई। मेडिकल स्टोर से खांसी का सिरप लेने के बाद आराम मिलने की जगह सांस लेने में परेशानी होने लगी। चिकित्सक से चेक करने के बाद भर्ती होने की सलाह दी।
शिवरामपुर निवासी रामदुलारी देवी ने बताया कि परिवार में चार लोग सर्दी-जुकाम से परेशान हैं। मेडिकल स्टोर से दवा ली थी। सर्दी-बुखार से आराम मिल गया लेकिन अब सीने में जकड़न व सांस फूलने की परेशानी बढ़ गई है। चेस्ट रोग विशेषज्ञ डॉक्टर आरके झा ने बताया कि रात दिन के मौसम में 4 डिग्री का अंतर होने व वायरल की जद में आने पर मेडिकल स्टोर से दवा खरीद कर खाना भारी पड़ रहा है। एंटीबायोटिक का हाई डोज सीने में जकड़न व सूखी खांसी की समस्या आ रही है। मरीज को गर्म पानी का सेवन, चिकित्सक की सलाह पर दवा का सेवन करने की सलाह दी जा रही है। राहत मिलने में कुछ समय लग रहा है।
डॉक्टर पंकज झा ने बताया कि मौसम के बदलता के दौरान सावधानी बरत कर स्वस्थ रहा जा सकता है। अधिकतर पीड़ितों में बुखार के साथ संक्रमण भी हो रहा है। आवाज में बदलाव, लंबे समय तक खराश का बना रहना जैसे लक्षण देखने में आ रहे है। तीन दिन में बुखार न छोड़ने पर खून जांच जरूर कराएं। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉक्टर एसके यादव ने कहा कि मौसम के बदलाव से मरीजों की संख्या में बढ़ी है। अस्पताल में दवा व जांच की सुविधा निश़ुल्क है।