मजदूर दिवस पर शुक्रवार को शिकागो में मजदूर हितों की लड़ाई लड़ते हुए जान देने वाले मजदूरों को इंकलाबी सलामी दी गई। जगह-जगह कार्यक्रमों में मजदूरों के हक के लिए आवाज बुलंद की गई। बच्चों ने जागरूकता रैली निकालकर मजदूर हितों का संदेश दिया। साथ ही संकल्प लिया कि हम मजदूरों को न कभी प्रताड़ित करेंगे और न ही उन्हें कम मजदूरी देंगे।
मई दिवस पर कार्यक्रम के क्रम में इंडियन पीपुल्स सर्विसेज के तत्वावधान में जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया।
इस दौरान राष्ट्रहित में शिक्षित बेरोजगारों की युवा शक्ति-श्रम ऊर्जा का पूर्ण रूप से सदुपयोग करने के लिए रोजगार की गारंटी को मौलिक अधिकारी घोषित करने, मनरेगा जाब कार्ड मजदूरों को वर्ष में कम से कम 300 दिन काम व मजदूरी 300 रुपये प्रतिदिन देने करने की मांग की गई। मजदूरों के हक के लिए भूमिहीन मजदूरों को बसने के लिए कम से कम तीन-तीन डिस्मिल भूमि पट्टे पर देने, जिला अस्पताल में मजदूरों को नि:शुल्क पूर्ण इलाज की गारंटी करने, साठ साल की उम्र पार कर चुके लोगों को तीन हजार रुपये प्रति माह जीवन-यापन भत्ता देने के लिए आवाज बुलंद की गई।
मजदूरों के जीवन स्तर सुधारने के लिए शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए गांव-गांव में सरकारी आरओ प्लांट की स्थापना करने की मांग की गई। इस दौरान पीएम को ज्ञापन भी प्रेषित किया गया है। धरना-प्रदर्शन करने वालों में मनोज कुमार, अरुण कुमार, भगवान तिवारी, गोपाल जी खरवार आदि रहे।
उधर किडजी स्कूल के बच्चों की ओर से मजदूरों के हक के लिए आवाज बुलंद की गई। कहा कि आज देश ही नहीं पूरा विश्व बाल मजदूरी को लेकर चिंतित है। वहीं ये छोटे-छोटे बच्चे अपने सिर पर टोकरी लेकर और पगड़ी बांधकर जागरूकता का पोस्टर लेकर हम वयस्कों को नसीहत देने का काम कर रहे हैं।
इस दौरान छोटे बच्चों ने संदेश देने के साथ ही संकल्प लिया कि हम मजदूरों को न कभी प्रताड़ित नहीं करेंगे और उन्हें उनकी वाजिब मजदूरी दिलाने का प्रयास करेंगे। उधर मई दिवस के अवसर पर भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने स्थानीय रोडवेज बस स्टेशन से चित्तू पांडेय चौराहा होते हुए रेलवे स्टेशन तक जुलूस निकाला और शिकागों के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर अशोक राम, देवांती देवी, मीना, विनय कुमार खरवार, कमला प्रजापति आदि रहे।