बलिया। भोजपुरी अभिनेता एवं बिहार विधान परिषद सदस्य पवन सिंह शनिवार को पत्नी ज्योति सिंह से जुड़े भरण-पोषण मामले की सुनवाई में बलिया परिवार न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए। अदालत ने गैरहाजिरी पर तीन हजार रुपये का जुर्माना लगाया और सुनवाई के लिए 12 नवंबर की तारीख निर्धारित करते हुए उन्हें हाजिर होने का आदेश दिया। मामले की सुनवाई अपर प्रधान न्यायाधीश कमलापति प्रजापति ने की।
पवन सिंह की ओर से अधिवक्ता ने उनकी मां की तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए मेडिकल रिपोर्ट पेश की। वहीं, ज्योति सिंह ने अदालत में कहा कि उनकी सास को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है। उन्होंने पवन सिंह की लगातार गैरहाजिरी पर नाराजगी जताते हुए अदालत से सख्त कदम उठाने की मांग की। ज्योति के अधिवक्ता ने भी कहा कि पवन सिंह लगातार सुनवाई की तारीखों पर उपस्थित नहीं हो रहे हैं। इस बार अदालत ने सख्त रुख अपनाया है, उम्मीद है कि अगली सुनवाई में पवन हाजिर होंगे।
साथ रहने को तैयार, न्याय नहीं मिला तो सुप्रीम कोर्ट जाऊंगी
अदालत परिसर में ज्योति सिंह ने कहा कि वह अब भी पवन सिंह के साथ रहने को तैयार हैं। वैवाहिक संबंध खराब होने से उनकी जिंदगी भी प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि करीब चार वर्ष से मामला चल रहा है। यदि न्याय नहीं मिला तो वह सुप्रीम कोर्ट जाएंगी। उनके अधिवक्ता अख्तर ने मुकदमा उठाने की धमकी मिलने का आरोप भी लगाया।
पांच लाख रुपये मासिक भरण-पोषण की मांग
ज्योति सिंह ने 22 अप्रैल 2022 को बलिया परिवार न्यायालय में अंतरिम भरण-पोषण की याचिका दाखिल की थी। इसमें उन्होंने पवन सिंह से पांच लाख रुपये प्रतिमाह दिलाने की मांग की है।
पहले भी कोर्ट में हुई थी गहमागहमी
पवन सिंह पांच नवंबर 2022 को पहली बार बलिया परिवार न्यायालय में पेश हुए थे। उस दौरान उनके साथ आए निजी सुरक्षाकर्मियों और बाउंसरों के व्यवहार तथा कोर्ट परिसर में प्रवेश को लेकर हंगामा हुआ था। पुलिस ने सुरक्षाकर्मियों को परिसर से बाहर कराया था। इसके बाद से मामले में विभिन्न तारीखों पर सुनवाई होती रही है। अब अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 12 नवंबर की तारीख तय की है।