चिलकहर। मौसम के उतार-चढ़ाव के कारण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिलकहर पर बृहस्पतिवार को वायरल फीवर के मरीज बड़ी संख्या में पहंुचे।
चिकित्सकों की मनमानी की वजह से मरीजों को काफी परेशानी हुई। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी की कुर्सी खाली पड़ी थी। हालांकि दो बजे तक 177 मरीजों का इलाज हुआ। 50 से 60 मरीज वापस लौट गए। चिकित्सा व्यवस्था सुधारने के लिए किए जा रहे प्रयास धरातल पर नाकाफी साबित हो रहे हैं। शुक्रवार को पीएचसी चिलकहर पर होम्योपैथिक चिकित्सक सीताराम प्रजापति 11.20 बजे इलाज करते हुए दिखे। चिकित्साधिकारी की कुर्सी खाली पड़ी थी।
मरीज चिकित्सक का इंतजार कर रहे थे। 50 से 60 मरीजों को तो बिना इलाज कराए ही वापस लौटना पड़ा। उपस्थित मरीज सरिता देवी, राकेश कुमार, प्रमोद कुमार, चंदन यादव, अनिल यादव, सरिता प्रजापति ने बताया कि दवा उपलब्ध होने के बावजूद भी बाहर की दवा लिखी जा रही है। जांच भी बाहर से करवानी पड़ रही है। पीएचसी पर 148 किस्म की दवा उपलब्ध है। उसके बावजूद भी बाहर की दवा लिखी जा रही है। प्रत्येक दिन 230 से 250 मरीज पहुंच रहे हैं। एसीएमओ डॉ. पद्मावती गौतम ने बताया कि बाहर से जांच और दवा लिखने की शिकायत मुझे भी कुछ दिन पहले मिली थी। इसकी जांच की गई थी। यदि अब भी वही स्थिति है तो पिर जांच कर कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। चिकित्सक के उपस्थित न रहने की बात पर कहा कि मीटिंग में गए होंगे।