मुख्यमंत्री पोर्टल, तहसील समाधान दिवस और संपूर्ण समाधान दिवस में की गई शिकायतों को लेकर भी अधिकारी गंभीर नहीं हैं। अधिकारियों की ओर से इसका फर्जी निस्तारण कर कागजी कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारी से इतिश्री कर ली जा रही है। पिछले छह महीने में इस तरह के एक दर्जन मामले सामने आए हैं। इसमें तहसील के अधिकारी और कर्मचारी बिना मौके पर गए रिपोर्ट मुख्यमंत्री के पोर्टल पर भेज रहे हैं।
केस-एक
अवैध कब्जे पर नहीं हुई कार्रवाई
बैरिया। ताजा उदाहरण दोकटी थाना क्षेत्र के जमीन बढ़ी का है। यहां की रहने वाली किशुन देवी पत्नी रामजी प्रसाद ने मुख्यमंत्री के पोर्टल पर तीन बार शिकायत कर दबंगों द्वारा अवैध कब्जा से अपनी भूमि को मुक्त कराने की गुहार लगाई थी। दो बार फर्जी निस्तारण का रिपोर्ट तहसीलदार कार्यालय से कुछ माह पहले भेज दी गई। मुख्यमंत्री पोर्टल पर किशुन देवी ने तीसरी बार शिकायत की है। इसकी जांच व निस्तारण एक जुलाई को होना है। पीड़िता का कहना है कि इस बार अगर फर्जी रिपोर्ट तहसीलदार कार्यालय से लगा तो, मैं खुद मुख्यमंत्री के जनता दरबार में जाकर पूरा प्रकरण उनके सामने रखूंगी।
केस-2
नहीं बनी आधी-अधूरी नाली
बैरिया। श्रीनगर निवासी धनलाल यादव ने ग्राम पंचायत अंतर्गत दलछपरा हाल्ट रेलवे स्टेशन के सामने जिला पंचायत की ओर से आधी-अधूरी नाली निर्माण की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर दूसरी बार की गई है। दूसरी बार भी जिला पंचायत द्वारा फर्जी निस्तारण कर दिया गया है। इससे मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत करने वालों का कहना है कि मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायतों का बिना मौके पर निस्तारण किए ही कागजी खानापूर्ति की जा रही है।
केस-3
जिलाधिकारी के आदेश भी बेअसर
नगरा। रसड़ा में तहसील समाधान दिवस पर जिलाधिकारी के दिए आदेश भी बेअसर हैं। मौजा मलप हरसेनपुर में ग्राम समाज की बंजर भूमि पर अवैध कब्जा की शिकायत पांच बार भाजपा नेता पृथ्वीपाल सिंह ने की। बावजूद अब तक अफसरों द्वारा अवैध कब्जा नहीं हटाया गया है। ग्राम पंचायत के अराजी नंबर 662 रकबा 0.660 हेक्टेयर बंजर भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत की गई। कोई कार्रवाई नहीं होने पर सम्पूर्ण समाधान दिवस 11 मई 2018, 21 जनवरी 2020, 17 मार्च 2020, 20 अक्तूबर 2020 के अलावा 21 मई 2022 को जिलाधिकारी से भी शिकायत की। जिलाधिकारी ने अनधिकृत कब्जा हटाने का निर्देश भी दिया लेकिन अफसरों ने ठंडे बस्ते में डाल रखा है।
केस-4
रातों रात पाट दी गई गड़ही
सुखपुरा। कस्बा स्थित ग्वाल डेरा पर ग्रामसभी की गड़ही को कुछ लोगों ने दबंग लोगों की शह पर रातोरात पाट दिया। इससे दर्जनों परिवार की जलनिकासी बाधित हो गई है। मामले की शिकायत चंद्रदीप यादव आदि ने थाना समाधान दिवस के साथ ही जिलाधिकारी से भी की, लेकिन मामले में अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि ग्राम समाज की इस गड़ही को पूर्व प्रधान के कार्यकाल में खुदवाया गया था। इसी में कई परिवारों की जलनिकासी होती थी। आरोप लगाया कि दबंग लोगों और प्रधान की शह पर रातोंरात गड़ही का पाट दिया गया। शिकायत के बाद बीडीओ ने रिपोर्ट लगा दी कि मामला राजस्व विभाग का है। इसके बाद इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।