फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अरसे बाद डकैती की सूचना से इलाके में दहशत

विज्ञापन
विज्ञापन
बलिया। सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के नेमा के टोला गांव में बुधवार की आधी रात डकैतों के प्रवेश ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। डकैत बिहार के बक्सर जिले से आए थे और उनके निशाने पर कोई विशेष गांव या व्यक्ति नहीं था। यहीं वजह थी कि उन्होंने नेमा के टोला गांव में जिस घर को टार्गेट पर लिया वह दीना यादव के घर में भी बहुत संपत्ति नहीं थी। दीना और केदार दोनों सगे भाई है और घर भी अगल-बगल स्थित है। दोनों खेती-किसानी करके ही परिवार का खर्च चलाते है। डकैत इलाके से पूरी तरह अंजान थे इसी वजह से गांव वालों के घेरने के बाद अंधेरे का फायदा उठाकर भाग नहीं सके।
विज्ञापन

गांव के लोगों की माने तो वे पूरी तैयारी से आए थे। यही वजह है कि जब गांव के लोगों ने दीना के उस घर को घेरने का प्रयास किया जिसमें लगभग चार-पांच डकैत घुसे हुए थे तो बाहर पहरा दे रहे उनके साथी ने बिना सोच-विचार किए ही केदार को गोली मार दी थी। डकैतों की प्लानिंग थी कि एक को गोली लगने के बाद गांव के लोग सहम जाएंगे और वे आसानी से बटोरा माल लेकर फरार हो जाएंगे लेकिन यहां दाव उल्टा पड़ गया। केदार को गोली लगने के बाद गांव के लोग और आक्रोशित हो गए और वे भी छुपकर ईंट-पत्थर चलाने लगे। गांववालों के ईंट-पत्थर के जवाब में डकैत गोलियां दाग रहे थे। लेकिन अंतत: उनकी गोलियां खत्म हुई और एक डकैत गांववालों के हाथों चढ़ गया। गांव के लोगों के अनुसार यह मुठभेड़ एक से डेढ़ घंटे तक चली और पुलिस के आने के बाद डकैत को उनके हवाले किया गया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने एक साथी को पकड़ा जबकि अन्य डकैत भागने में सफल रहे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार डकैत बिहार के बक्सर जिले से किसी वाहन में सवार होकर चले थे।
उन्होंने यह तय नहीं किया था कि उन्हें बलिया के किस इलाके या किस गांव में डकैती डालना है। यही वजह रही कि वे ग्रामीणों घेरने के बाद भाग नहीं सके यदि उन्हें इलाके की भौगोलिक जानकारी होती तो हथियारों से लैस बदमाशों को पकड़ना आसान नहीं होता। हालांकि अब मामले में पुलिस की ओर से हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। लोगों का कहना है कि अरसे बाद इलाके में हुई इस डकैती में भी पुलिस की यह कार्यशैली बदमाशों का मनोबल बढ़ा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें