सिकंदरपुर बाल विद्यार्थि सेवा समिति सेंट्रल बैंक न्यू मार्केट के पास स्थापित मां दुर्गा की प्रत
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बलिया। जिले के 636 स्थानों पर स्थापित की गई मां दुर्गा की प्रतिमाओं के दर्शन करने के लिए सप्तमी की रात और अष्ठमी को श्रद्धालुओं की भीड़ उड़ी रही। देर रात तक पंडालों में लोगों ने मां के दर्शन किए। रविवार को दर्शन व पंडाल देखने के लिए दर्शकों का हुजुम नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में उमड़ पड़ा। आलम यह रहा कि नगर में भीड़ के कारण पैर रखने की जगह तक नहीं थी। सुरक्षा के मद्देनजर समितियों के कार्यकर्ता व पुलिसकर्मी मुश्तैद रहे। इस दौरान पंडाल के अंदर व बाहर विद्युत उपकरण से सजाया गया था। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि मानो आसमान से तारे जमीन पर उतर आए हो। वहीं लाउड स्पीकर से देवीगीत बजाए जा रहे थे। जिससे पूरा वातावरण देवीमय हो गया था।
मालूम हो कि नगर के गांधीनगर में मां भक्त सेवा समिति, चित्तू पांडेय चौराहा नवयुवक बालक कमेटी, ओक्डेनगंज दुर्गा पूजा समिति, शास्त्रीनगर जय भारत क्लब, बड़ा गड़हा मोहल्ला नवयुवक सांस्कृतिक समिति, आर्यसमाज रोड दुर्गा भक्त कमेटी, कासिमबाजार रोड आदर्श विकास समिति व राष्ट्रीय सांस्कृति समिति, सेंट थामस स्कूल जगदीशपुर सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति, कृष्णानगर श्रीदुर्गा सेवा समिति, स्टार क्लब कोतवाली, कलेक्ट्रेट कालोनी श्रीदुर्गा पूजा समिति, गुदरी बाजार बाल कमेटी, लोहापट्टी मां शेरावाली नवयुवक कमेटी, चमन सिंह बागरोड युवा व्यापार सेवा समिति, रामलीला मैदान के पीछे जापलिनगंज श्री दुर्गा भक्त कमेटी, जापलिनगंज पुलिस चौकी नवयुवक शारदा संघ, जापलिनगंज दुर्गा मंदिर मां शारदा नवयुवक संघ, भृगु मंदिर श्रीभृगुजी नवयुवक मंगलदल, कदमतर नवयुवक मंगलदल, महाबीर घाट काली मंदिर , सुतरपट्टी आदि स्थानों पर मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की गई है। जिसे देखने के लिए नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के श्रद्घालुओं का हुजुम रविवार को अवकाश होने के कारण उमड़ पड़ा। दिन में तो भीड़ थोड़ी कम रही, लेकिन शाम होते ही नगर में श्रद्घालुओं की भीड़ बढ़ती गई। आलम यह रहा कि सात बजते बजते नगर में जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। इसदौरान समिति के सदस्य पूरी सक्रियता के साथ रात भर सक्रिय रहे। वहीं प्रत्येक पंडालों के पास पुलिस फोर्स व अधिकारी चक्रमण करते नजर आए। समितियों द्वारा पंडाल के अंदर व बाहर विद्युत उपकरण से सजाया गया था। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि मानो आसमान से तारे जमीन पर उतर आए हो। उधर, ध्वनि यंत्र से देवीगीत बज रहे थे। जिससे पूरा वातावरण देवीमय हो गया था।