बलिया। मनरेगा योजना के नाम पर सरकारी धन की बंदरबांट अब जांच के घेरे में आ गई है। विकास के नाम पर भारी-भरकम खर्च दिखाने वाली ग्राम पंचायतों पर जिला प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सीडीओ ओजस्वी राज ने पहले ही जांच में खामियां मिलने पर मुकदमा दर्ज कराने तक का निर्देश दिया है। इधर, डीसी मनरेगा ऋचा सिंह ने बताया कि रसड़ा, सोहांव, नगरा और नवानगर सहित अन्य ब्लॉकों की पंचायतों को नोटिस जारी किया गया है।
प्रशासन ने इन पंचायतों से सभी कार्यों का विवरण और साक्ष्य सहित रिपोर्ट मांगी है। डीसी मनरेगा ने संकेत दिए हैं कि विशेष टीम के साथ स्थलीय निरीक्षण कर भौतिक सत्यापन के दौरान मजदूरों से रैंडम पूछताछ की जाएगी ताकि किसी कार्य पर कितने दिन काम हुआ और कितना भुगतान किया गया, यह स्पष्ट हो सके।
साथ ही, प्रशासन ने उन शिकायतों को भी जांच के दायरे में लिया है, जिनमें ग्राम प्रधानों द्वारा परिवार के सदस्यों और करीबियों को मजदूरी भुगतान किए जाने का आरोप है। जांच में गड़बड़ी पाई गई, तो ग्राम प्रधान, तकनीकी सहायक और पंचायत सचिव पर विभागीय कार्रवाई होगी, रिकवरी और एफआईआर भी होगी।
सूत्रों के अनुसार, कई पंचायतों ने कागजों पर करोड़ तक का खर्च दिखाया, लेकिन जमीन पर उतना कार्य नहीं हुआ है। कुछ पंचायतों ने एक ही कार्य को हर साल नए नाम से दर्शाकर धन निकासी की है। वहीं पशुधन भवन, मवेशी बाड़ा, पशु शेड, मुर्गी शेड और मिट्टी कार्यों में फर्जीवाड़ा सामने आया है। जिले की करीब 20 प्रतिशत पंचायतें संदेह के घेरे में हैं, जिन्होंने एक ही काम को मामूली परिवर्तन के साथ दोहराकर भुगतान लिया है।
खर्च हुई एक करोड़ से ज्यादा की धनराशि
मनरेगा योजना के तहत गांवों में रोजगार सृजन और विकास कार्यों पर बड़ी धनराशि खर्च की जा रही है। सीयर ब्लॉक की कुछ ग्राम पंचायतों में पिछले वर्ष उल्लेखनीय राशि खर्च होने के बावजूद विकास की गति को लेकर ग्रामीणों में मिश्रित प्रतिक्रियाएं हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार तुर्तीपार पंचायत में बीते वित्त वर्ष के दौरान मनरेगा के तहत एक करोड़ से अधिक की राशि व्यय की गई। इस अवधि में 35752 मानव दिवस सृजित हुए और मजदूरी के रूप में 84.73 लाख रुपये का भुगतान किया गया। इसी प्रकार, शाहपुर अफगा पंचायत में 6,669 मानव दिवसों के अनुरूप 15.80 लाख रुपये, जबकि रछौली पंचायत में 15,348 मानव दिवसों के सापेक्ष 36.37 लाख रुपये मजदूरी के रूप में खर्च किए गए।