पंचायत राज्य सेवा परिषद के प्रांतीय आह्वान पर पंचायती राज विभाग के कर्मचारियों ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान जिलाधिकारी के प्रतिनिधि वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ओमप्रकाश चौधरी को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
विकास भवन से जुलूस निकालकर पंचायत राज विभाग के कर्मचारियों ने कुंवर सिंह चौराहा होते हुए टीडी कालेज पहुंचे, जहां से कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। हजारों की संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि सहायक विकास अधिकारी पंचायत को खंड विकास अधिकारी के चंगूल से मुक्त किया जाय। जिला पंचायती राज अधिकारी को प्रोन्नत, उप निदेशक पंचायत अतिरिक्त अन्य पदों पर किया जाय।
ग्राम विकास के कर्मचारियों को पंचायती राज विभाग से वापस किया जाय। सफाई कर्मचारियों को प्रोन्नत देकर उन्हें पूर्ण राज्य कर्मचारी का हक दिलाया जाय। कहा कि पंचायत राज विभाग में अतिक्रमण को रोका जाय। कर्मचारी नेता बलवंत सिंह ने कहा कि ग्राम विकास तथा पंचायती राज विभाग अलग-अलग विभाग है। फिर भी दोनों विभागों में असमंजस की स्थिति है। ग्राम विकास विभाग अपने आपको नियंत्रण कर्ता मांग बैठा है। जिसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे।
वक्ताओं ने कहा कि पंचायत सचिव बनाने का लालच देकर ग्राम विकास पंचायती राज विभाग के मनरेगा कर्मियों को बहकाने का काम कर रहा है। ग्राम विकास अधिकारी एवं तकनीकी सहायक को डीआरडीए या ग्राम विकास विभाग ने नियमित बनाना अच्छा होगा।
सभा को संबोधित करने वालों में संघ के अध्यक्ष गोपाल जी ओझा, ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के राजाराम सिंह, मंत्री मनोज कुमार यादव, चंद्रशेखर यादव, सत्यदेव राम, अजय चौबे, जयशंकर प्रजापति, मणींद्र नाथ पांडेय, सुनील कुमार, प्रेमशंकर श्रीवास्तव, शैलेश कुमार ओझा, प्रदीप कुमार शर्मा, रविशंकर वर्मा आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता जिला पंचायत राज अधिकारी राकेश कुमार यादव तथा संचालन गोपाल जी ओझा ने किया।