मनियर। पीड़ित बालिका को पंचों ने समझा-बुझाकर पुन: उसकी सौतेली मां के साथ कड़ी हिदायत के साथ शुक्रवार को हवाले कर दिया। चेताया कि यदि बच्ची को कुछ हुआ तो उसकी सारी जिम्मेदारी सौतेली मां की होगी। सौतेली मां उर्मिला देवी ने इसका लिखित दिया।
बता दें कि मनियर थाना क्षेत्र के मनियर बलिया मार्ग पर स्वर्गीय राम नारायण सिंह कोल्ड स्टोरेज के पास गौरा बंगही में बुधवार की देर शाम एक 13 वर्षीय बालिका सड़क पर रोते हुए मिली थी। पूछताछ करने पर बालिका ने अपना नाम ज्योति प्रसाद पुत्री हीरामन प्रसाद गोंड निवासी रिगवन थाना मनियर बताया। ज्योति ने बताया कि उसकी सौतेली मां ने उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया। डरी सहमी बालिका रिगवन से पैदल मनियर बस स्टैंड पहुंची। लड़की को लोगों ने गौरा बगहीं निवासी रीना देवी पत्नी बेचू यादव को सौंप दिया। ज्योति ने अपनी मौसी से फोन पर बात की। मौसी की सूचना पर उसकी सौतेली मां शुक्रवार को गौरा बंगही पहुंची और अपने साथ ज्योति को ले जाने के लिए कहने लगी। ज्योति अपनी सौतेली मां के साथ जाने के लिए तैयार नहीं थी। वह अचेत होकर के गिर पड़ी। इसके बाद पंचों ने समझा बुझाकर ज्योति और उसकी सौतेली मां को भेजा। उसकी मां को सख्त हिदायत दी गई कि अगर ज्योति के साथ कोई अनहोनी होती है तो सारी जिम्मेदारी होगी। इस मौके पर सरवार ककरघट्टी के प्रधान रामदेव यादव, जिला पंचायत वार्ड नंबर 16 के सदस्य जेपी यादव, अरविंद गुप्ता निवासी बहादुरा, लड्डू पाठक निवासी रिगवन, देवेंद्र यादव पूर्व प्रधान ककरघट्टा, विजय यादव, सुरेंद्र सिंह, रीना देवी, बेचू यादव, गोवर्धन यादव आदि रहे।