बलिया। नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 को लेकर फैले अफवाह व भ्रांतियों को दूर करने हेतु लोक जागरण मंच की ओर से सिविल बार एसोसिएशन के भवन में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि गोरक्ष प्रान्त के प्रांत प्रचारक सुभाष व मुख्य वक्ता उत्तर प्रदेश के अपर महाधिवक्ता कृष्ण पहल ने भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर समारोह का शुभारंभ किया। संचालन राजीव मोहन चौधरी, अतिथियों का परिचय विनय सिंह व अध्यक्षता सिविल बार के अध्यक्ष अवधेश राय ने किया।
मुख्य अतिथि सुभाष ने बताया कि नागरिकता संशोधन कानून 2019 की आवश्यकता क्यों पड़ी? इसके लिए हमें सन 1947 के समय से विचार करना होगा। उस समय विभाजन के बाद भारत व पाकिस्तान अस्तित्व में आये। प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू व पाकिस्तान के प्रधानमंत्री लियाकत अली के बीच समझौता हुआ कि दोनों देश अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा करेंगे। भारत तो वचन पर अडिग रहा, परन्तु पाकिस्तान ने हिंदुओं पर घोर अत्याचार किया। तब पाकिस्तान से भाग कर आये अल्पसंख्यक शरणार्थियों को नागरिकता प्रदान करने हेतु नागरिकता कानून 1955 लागू हुआ। महात्मा गांधी ने 26 सितम्बर सन 1947 में अपने प्रार्थना सभा में कहा था ऽ कि पाकिस्तान में रहने वाले हिन्दू और सिख, हर नजरिये से भारत आ सकतें हैं, अगर वे वहां निवास नहीं करना चाहते। उन्हें नौकरी देना और उनके जीवन को समान्य बनाना भारत सरकार का कर्तव्य है।ऽ
अपर महाधिवक्ता कृष्ण पहल ने बताया कि वर्तमान में कुछ लोग नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 के प्रति लोगों में भ्रम फैला रहे हैं। यह विरोध तीन प्रकार के लोगो में हैं, एक तो वह जिन्हें इस कानून की जानकारी ही नहीं है, दूसरे बरगलाने में आ गए हैं और तीसरे वो जो विरोध के लिए विरोध कर रहें है। सिमरन व कात्यायनी द्वारा राष्ट्रगीत %वन्दे मातरम% के साथ गोष्ठी का समापन हुआ।
इस अवसर पर बलिया विभाग के विभाग प्रचारक श्रीप्रकाश, करुणेश, जितेंद्र मिश्र, सत्यमित्र, भाजपा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष विनोद राय, क्षेत्रीय महामंत्री देवेंद्र यादव, जिलाध्यक्ष जय प्रकाश साहू, भगवान पाठक, हरेराम चौधरी, सुभाष पांडेय, दयाशंकर तिवारी, सुभाष श्रीवास्तव, संजीव सिंह, सम्पूर्णानन्द दुबे, देवानन्द सिंह, मनोज पांडेय मारुति नन्दन, अशोक ओझा, अम्बरीश शुक्ल, विष्णुदत्त पांडेय, सन्दीप तिवारी, दीप नारायण ठाकुर आदि उपस्थित थे।