बलिया जिले के सीआरपीएफ जवान का पार्थिव शरीर गुरुवार को गांव पहुंचा तो घरवालों के साथ ही आसपास के लोगों की भी आंखों से आंसू छलक पड़े। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे लोगों ने नम आंखों से जवान को अंतिम विदाई दी।
बलिया जिले के खेजुरी थाना क्षेत्र के ग्राम भूड़ाडीह निवासी सीआरपीएफ जवान का तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर गुरुवार को जैसे ही गांव पहुंचा लोगों की आंखे छलक पड़ीं। नम आंखों से लोगों ने जवान को अंतिम विदाई थी। सम्मान के साथ जवान के पार्थिव शरीर को सुपुर्दे खाक किया गया। परिजनों और रिश्तेदारों के साथ ही आसपास के लोगों ने श्रद्धांजलि दी।
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खेजुरी थाना क्षेत्र के गांव भूड़ाडीह निवासी सीआरपीएफ के जवान अख्तर हुसैन खान (58) 1985 में सेना में भर्ती हुए थे। वर्तमान में सीआरपीएफ में एसआई के पद पर तैनात थे। इस समय उनकी तैनाती रांची में थी। ड्यूटी के दौरान बीमार होने के कारण उनको मुंबई के टाटा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।
सीआरपीएफ की 95 बटालियन वाराणसी के सहायक कमांडेंट हनुमान सिंह और इंस्पेक्टर दिनेश सिंह यादव के नेतृत्व में जवान का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो घर में चीख-पुकार मच गई। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ पड़ी। यह माहौल देख मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। जवान की अंतिम यात्रा में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए। सम्मान के साथ जवान के पार्थिव शरीर को सुपुर्दे खाक किया गया।