लाख प्रयास के बावजूद कई धान क्रय केंद्रों का संचालन धरातल पर नहीं हो सका है। विपणन विभाग की लापरवाही के चलते किसान धान बेचने के लिए भटक रहे। कई केंद्रों के आसपास दलाल भी काफी सक्रिय हैं जो किसानों के धान को औने-पौने दामों पर खरीद कर क्रय केंद्रों पर खपाने का काम कर रहे हैं। खासकर गैर सरकारी संस्थाएं खूब खेल कर रही हैं।
जिला प्रशासन की ओर से जिले में अलग-अलग एजेंसियों के धान क्रय केंद्रों का निर्धारण किया गया है। लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी कई क्रय केंद्र धरातल पर नहीं दिख रहे हैं और इसे कागजों में ही संचालित किया जा रहा है। बताया जाता है कि धान क्रय केंद्रों के निर्धारण के लिए जिलाधिकारी की ओर से विपणन विभाग को जिम्मेदारी देते हुए प्रस्ताव मांगा था। विपणन विभाग की ओर से अलग-अलग एजेंसियों के कुल 89 केंद्रों का प्रस्ताव भेजा गया, जिसे जिला प्रशासन ने अनुमोदन कर दिया। कुछ दिनों पहले विपणन विभाग की ओर से पांच अन्य केंद्रों का निर्धारण करते हुए जिलाधिकारी से अनुमति ले ली।
आलम यह है कि एक माह बाद भी कई केंद्र कागजों पर चल रहे हैं और इसके चलते किसान धान बेचने को भटक रहे हैं। सूत्रों की मानें तो विपणन विभाग की ओर से कुल 21 गैर सरकारी संस्थाएं तय किए गए हैं जो धान की खरीद करने में हीलाहवाली कर रहे हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है एनसीएमएल के सोहांव ब्लाक के बघौना सेंटर कुछ पहले विवाद हुआ और किसानों ने एजेंसी के जिला प्रबंधक को बंधक बना लिया। इसी तरह भरौली में क्रय केंद्र का आज तक अता-पता नहीं चल सका है। इसी तरह कुछ दिनों पहले एडीएम ने नगरा में क्रय केंद्र के पास से दो दलालों को पकड़ कर जुर्माना वसूल किया था। लेकिन आज भी अंकुश नहीं लग सका है।