बैरिया। रजिस्ट्रार कानूनगो व बैरिया विधायक पुत्र के विवाद के बाद तहसील में जिलाधिकारी के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक ने सोमवार की देर रात डेढ़ सेक्सन पीएसी के 16 पुलिसकर्मियों की टीम पहुंच गई, जिसे तहसील में मंगलवार को तैनात कर दिया गया। उधर, तहसील के सभी कर्मचारी जिला मुख्यालय स्थित कर्मचारी संघ की बैठक के लिए पहुंच गए। इस दौरान आंदोलन के पांचवें दिन भी तहसील के सभी दफ्तर, कार्यालय, एसडीएम न्यायालय, तहसीलदार व नायब तहसीलदार न्ययालय के दरवाजों पर ताला लटका रहा। इस दौरान क्षेत्र भर से वादी व जरूरी कार्य से आए लोग मायूस होकर वापस लौट गए।
इस बाबत रजिस्ट्रार कानूनगो राधेश्याम राम से मोबाइल पर बताया कि संघ ने जिला मुख्यालय पर बैठक किया जिसमें सांसद वीरेन्द्र सिंह मस्त द्वारा सोमवार को कर्मचारियों के बीच रखे गए प्रस्ताव को बताया गया। लेकिन संघ ने सर्वसम्मति से निर्णय लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंप कर 24 घण्टे के अन्दर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग किया है। बताया कि कर्मचारी संघ ने निर्णय लिया है कि यदि 24 घण्टे में गिरफ्तारी नहीं होती है तो कलेक्ट्रेट के भी सभी कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे।
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सांसद सोमवार को आए थे सुरक्षा का भरोसा दे रहे हैं और पीएसी भी तैनात हो गई है ऐसे में कर्मचारियों से हड़ताल खत्म करवाने का प्रयास किया जाएगा। कर्मचारियों की मांग आरोपियों के गिरफ्तारी करने की है तो तब तक काली पट्टी बांधकर कर्मचारी काम करते रहें यह प्रयास किया जाएगा।
- अशोक चौधरी, उपजिलाधिकारी, बैरिया
अधिवक्ताओं ने भी जताई नाराजगी
बैरिया। तहसील पर कर्मचारियों द्वारा पांचवें दिन हड़ताल के कारण कार्यालय के साथ ही न्यायालय बन्द होने से तहसील पर पहुंचे अधिवक्ताओं में भी नाराजगी है। अधिवक्ता अरुण कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि हड़ताल की वजह से क्षेत्र की जनता का नुकसान हो रहा है। हमलोग क्षेत्र की जनता का काम करने के लिए आते हैं, उनका काम नहीं होता है तो हमारा भी नुकसान होता है। तहसील पर आए दिन कभी अधिवक्ताओं के साथ तो कभी अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ मारपीट होती रहती है इससे मैं काफी दुखी हूं। तहसील बार एसोसिएशन के महामंत्री अभय कुमार भारती ने कहा कि आए दिन कर्मचारियों से स्थानीय नेता मारपीट को अंजाम दे रहे हैं जिसकी मैं निन्दा करता हूं। वरिष्ठ अधिवक्ता शत्रुधन सिंह ने कहा कि हड़ताल से आमलोगों के साथ ही हमलोग भी परेशान हैं। अधिवक्ता रामप्रकाश सिंह ने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति हो गई है आये दिन तहसील में मारपीट होना आम जनता या सभ्य समाज के हित में नही ह। अधिवक्ता विनय, वीरबहादुर पांण्डेय आदि ने कहा कि अगर कोई अधिकारी कर्मचारी गलत कार्य करता है तो संवैधानिक तरीके से विरोध होना चाहिए।
कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ 27 से अनिश्चित काल हड़ताल पर
बलिया।उप्र मिनिस्ट्रीयल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को आयोजित की गई। जिसमें बैरिया तहसील के राजस्व कर्मचारी राधेश्याम राम के हमलावरों की तुरंत गिरफ्तारी सहित तीन मांगों को रखा गया। बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष अनिल गोपाल गुप्ता व मंत्री ब्रृज बिहारी सिंह ने कहा कि 24 घंटे के अंदर अभियुक्त की गिरफ्तारी, थानाध्यक्ष बैरिया के स्थानांतरण तथा पीड़ित राधेश्याम राम के ऊपर फर्जी मुकदमा वापस नहीं लिया गया तो हम सभी कलेक्ट्रेट के समस्त कर्मचारी 27 फरवरी से अनिश्चित काल हड़ताल पर चले जाएंगे।कहा कि बैरिया विधायक द्वारा पूरे विधानसभा में दहशत फैलाकर अपनी कुरीतियों को छुपाने का असफल प्रयास किया जा रहा है। बैठक में विधायक व उनके पुत्र द्वारा किए गए कार्य के लिए निंदा प्रस्ताव पारित किया गया।बैठक को प्रमुख रूप से अश्वनी कुमार तिवारी, भूपेंद्र नाथ तिवारी, अभय चंद्र सिंहा, संजय भारती, श्री राम प्रसाद सरगम, रमेश चंद्र गुप्ता, हरिशंकर मिश्र, श्वेता श्रीवास्तव, आरती सिंह सहित अन्य कर्मचारीयों ने संबोधित किया।