फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुविधाएं, फिर भी घट गई बच्चों की संख्या

विज्ञापन
विज्ञापन
बलिया। मुफ्त किताबें, यूनिफार्म, बैग, जूता-मोजा और मध्याह्न भोजन के साथ ही स्कूल चलो अभियान चलाए जाने के बाद भी प्राथमिक स्कूलों में बच्चों की संख्या घट रही है। इन सुविधाओं के बाद भी बच्चों की संख्या बढ़ने की जगह घटती ही जा रही है। शिक्षा सत्र 2019-20 में प्राथमिक में 39 हजार और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 11 हजार 200 बच्चों की कमी आंकी गई है। हालांकि प्रभारी बीएसए ने दावा किया है स्कूल खुलने के बाद यह आंकड़ा बदल जाएगा, क्योंकि ब्लाकवार बच्चों की अभी पूरी रिपोर्ट नहीं आई है। वहीं प्रवेश भी जारी रहेगा। ऐसे में बच्चों की संख्या बढ़ जाएगी।
विज्ञापन

जनपद में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों की संख्या 2669 है। शिक्षा सत्र 2018-19 की बात करें तो उच्च प्राथमिक विद्यालयों में जहां बच्चों की संख्या कुल दो लाख 93 हजार और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों की संख्या कुल 63001 थी। इस साल प्राइमरी में बच्चों की संख्या घटकर दो लाख 54 हजार हो गई है जो पिछले साल की तुलना में 39 हजार कम है। वहीं इससे इतर उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा सत्र 2018-19 में संख्या कुल 63001 थी जो इस वर्ष 51801 हो गई है। ऐसे में पिछले साल की तुलना में लगभग 11 हजार 200 बच्चे कम हैं। इस संदर्भ में प्रभारी बीएसए सुभाष गुप्त ने बताया कि अभी सभी ब्लाकों से रिपोर्ट आई नहीं है। वहीं ग्रीष्मावकाश के बाद प्रवेश लिया जाएगा। इसके बाद बच्चों की संख्या बढ़ेगी।
इनसेट.....
हर बार फ्लाप साबित हुआ स्कूल चलो अभियान
प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों की संख्या बढ़ाने और शिक्षा का स्तर बढ़ाने के लिए हर साल स्कूल चलो अभियान चलाया जाता है, लेकिन अफसोस हर साल लक्ष्य के सापेक्ष नामांकन कम ही होता है। पिछले तीन साल के रिकार्ड पर गौर किया जाए तो शिक्षा सत्र 2016-17 में 33339, सत्र 2017-18 में 43089 एवं सत्र 18-19 में 39721 बच्चों का नामांकन लक्ष्य के सापेक्ष कम हुआ था। ऐसे में देखा जाय तो स्कूल चलो अभियान हर बार फ्लाप ही साबित हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें