बैरिया (बलिया)। गंगा के तटवर्ती इलाके में गंगा से पांच किलोमीटर दूर तक ऑर्गेनिक खेती होगी वही किसानों के मवेशियों का गोबर सरकार खरीदेगी। यह कार्यक्रम नमामि गंगे योजना से चलेगा इसके लिए सरकार ने पर्याप्त धन की व्यवस्था कर दी है। यह जानकारी सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने सोमवार को बैरिया में पत्रकारों को दी। बताया कि इस बाबत पिछले सप्ताह नई दिल्ली में उच्चाधिकार प्राप्त समिति द्वारा निर्णय लिया गया है। जिसमे गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर सहित दर्जन भर केबिनेट मंत्री व वरिष्ठ सांसदों के बैठक लिया गया है।
सांसद मस्त ने बताया कि किसानों को अपने मवेशियों का गोबर एकत्र करने को उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा। दरवाजे दरवाजे पहुंचकर कृषि विभाग के अधिकारी उसका मूल्यांकन करेंगे और चेक के माध्यम से किसानों को उनका भुगतान किया जाएगा और उस गोबर को खाद्य के रूप में अपने ही खेतों में उपयोग करने को कहा जायेगा। बिना रासायनिक खाद्य के पैदा किये गए ऑर्गेनिक फसल व सब्जियां बाजार में भी महंगा बिकेगी सरकार भी महंगे दामों पर खरीदेगी। सांसद ने जोर देकर कहा कि आरा से बलिया के लिए नई रेल लाइन में बकुल्हा को जंक्शन के रूप में विकसित किया जाएगा वही रेलवे का मालगोदाम व यार्ड बकुल्हा में ही बनेगा।
हाईटेंशन का तार टूट कर गिरने से मृत दलजीत टोला के तीनों लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि जो चला गया उसे लौटाया नहीं जा सकता। बाप के कंधे पर बेटे की अर्थी संसार का सबसे बड़ा दुख है इसे मैं समझ सकता हूं, दोबारा कहीं इस तरह का हादसा ना हो इसके लिए जरूरी व्यवस्था कराने का प्रयास करूंगा। वहीं जमीन पर लगाये गए सभी बिजली के ट्रांसफार्मरों को लोहे की जाली से घेरवाने के लिए विद्युत विभाग के आला अफसरों से बात करूंगा।