बलिया। न्यायालय विशेष न्यायाधीश (एससी एसटी) अपर सत्र न्यायाधीश प्रमोद कुमार गंगवार की अदालत ने तत्कालीन शहर कोतवाली प्रभारी राकेश सिंह, सिविल लाइन चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अजय यादव समेत 17 पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना न्यायालय में दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
वादिनी ने न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर आरोप लगाया कि अनुसूचित जाति की महिला है। 23 अक्तूबर 2025 को कोतवाल राकेश सिंह, थाना कोतवाली और सिविल लाइन पुलिस चौकी के अजय यादव और 10 पुरुष व 5 महिला पुलिसकर्मी उसके पति और देवर के साथ काजीपुरा स्थित ससुराल पहुंचकर उनकी तीन नाबालिग बालिकाओं की बांह मरोड़ कर जाति सूचक गाली दी। घर का सामान बाहर फेंक दिया।
16 वर्षीय बड़ी बेटी मोबाइल से इस घटना का वीडियो बनाने लगी तो कोतवाल ने मोबाइल छीन लिया। चौकी प्रभारी बेटियों को जबरदस्ती पकड़ कर कोतवाली ले गए। उन्होंने पति के घर में न जाने की धमकी दी। कोर्ट ने आवेदन को संज्ञान में लेकर कोतवाली प्रभारी को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है। इस बाबत कोतवाल क्षितिज त्रिपाठी ने कहा कि अभी आदेश नहीं मिला है। न्यायालय के आदेश का पालन किया जाएगा।