बलिया। गैरइरादतन हत्या के मामले में विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट महेश चंद्र वर्मा की अदालत ने दोषी को आठ वर्ष की सजा और 10 हजार के अर्थदंड से दंडित किया। इस मामले में न्यायालय ने जिलाधिकारी को आदेश दिया कि मरने वाले के बच्चों के लिए निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था की जाए।
दोषी शंभू साहनी निवासी ग्राम कोलेन पाण्डेय का टोला (भाखर) थाना रेवती के न्यायालय में हाजिर नहीं होने पर गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। उसको गिरफ्तार कर पेश किए जाने पर दंड पर सुनवाई की गई। रेवती थाना क्षेत्र के गोपाल नगर गांव निवासी वादी मुकदमा इंद्रजीत साहनी ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 9 अगस्त 2022 को छोटे भाई रणजीत के साथ मोटरसाइकिल से लौट रहा था । द्वारिका के घर के पास अभियुक्त हरेंद्र, शंभू, नागेंद्र व अन्य ने हमला कर दिया।
इसमें रंजीत घायल हो गया। जिला अस्पताल जाते समय रास्ते में ही रणजीत ने दम तोड़ दिया। इस मामले में हरेंद्र, नागेंद्र, जितेंद्र, राजीव रंजन सिंह, द्वारिका व सुजीत सबूत के अभाव में बरी कर दिए गए थे। अर्थदंड न अदा करने पर शंभू को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। न्यायालय ने जिलाधिकारी को आदेश दिया कि मृतक के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराएं। विधिक सेवा प्राधिकरण से प्रतिकर उपलब्ध कराने का भी आदेश पारित किया।