विभिन्न मांगों को लेकर रेलवे स्टेशन से जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट की ओर जाते मजदूर सभा के पदाध
- फोटो : धमाके के बाद उखड़ी पटिया। संवाद
बलिया। महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का नाम बदलकर दूसरी योजना लागू करने का विरोध किया जा रहा है। भारतीय खेत मजदूर यूनियन, अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा, अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन ने मंगलवार को रेलवे स्टेशन से जुलूस निकाल कर डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति को संबोधित 15 सूत्री मांग-पत्र जिलाधिकारी कार्यालय में सौंपा।
इसमें मनरेगा को बहाल करने, जीरामजी योजना को रद्द करने, खेत मजदूरों को 200 दिन काम देने, 600 रुपये मजदूरी की गारंटी देने, 55 वर्ष उम्र पूरी हो जाने के बाद 10,000 मासिक पेंशन देने की मांग की। सामाजिक सुरक्षा, प्राकृतिक संसाधनों जल, जंगल, जमीन को वापस करने, 15 डिस्मिल जमीन और आवास के लिए 5 लाख रुपये उपलब्ध कराने की मांग की। उसर, बंजर, परती, नजूल एवं तालाब के भीटों पर बसे गरीबों को न उजाड़ने, बिजली के निजीकरण और स्मार्ट मीटरों पर रोक लगाने की मांग की। 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने, मिर्जापुर जिले में गिरफ्तार भाकपा माले के राज्य सचिव सुधाकर यादव और राज्य कमेटी सदस्य जीरा भारती को बिना शर्त रिहा करने की मांग की। श्रीराम चौधरी ने कहा कि भाजपा सरकार, मजदूर विरोधी सरकार है। रामकृष्ण ने कहा कि यह सरकार गांधी के नाम से डरती है। लाल साहब, परमात्मा राय, वशिष्ठ राजभर, जमुना वर्मा, बसंत सिंह, रामानन्द गोंड, भागवत बिंद रहे। अध्यक्षता श्रीराम चौधरी और संचालन ओम प्रकाश कुंवर ने किया।