जिला चिकित्सालय में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरोध में बुधवार को जन आंदोलन मोर्चा, वाम मोर्चा समेत कई संगठनों की ओर से जिला अस्पताल परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। इसमें चिकित्सालय में फैले भ्रष्टाचार पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई।
धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार एक तरफ जनता के हितों के लिए विभिन्न घोषणाएं कर रही है। वहीं उसी के अधीनस्थ अधिकारी और कर्मचारी नीति एवं नियमाें की अनदेखी कर रहे हैं। अस्पताल परिसर में चिकित्सकों के पास परोक्ष रूप से दलाल सक्रिय रहते हैं।
वक्ताओं ने कहा कि दवा और चिकित्सा आज मानव जीवन की बुनियादी आवश्यकता है। इसके बीना जीवन का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाता है। बावजूद इसके पैसा कमाने की होड़ में चिकित्सा प्रशासन लापरवाह है। इसका ठोस उदाहरण जिला चिकित्सालय है।
आलम यह है कि ओपीडी में बैठने और राउंड के समय निर्धारित होने के बावजूद चिकित्सक 12 बजे से पूर्व और दो बजे के बाद ओपीडी में बैठते नहीं है। कारण कि ज्यादातर चिकित्सक निजी चिकित्सालयों में बैठते हैं। जबकि नान प्रैट्रिक्स अलाउंस के रूप में सभी चिकित्सकों को प्रत्येक माह मोटा पैसा सरकार से पाते है।
जिसका बोझ जनता टैक्स के रूप में उठाती है। उन्होंने में अस्पताल में व्याप्त भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की मांग की। इस मौके पर डा. एम इलियास, रमाशंकर तिवारी, अमरेंद्र सिंह, हरेंद्र राजभर, अरविंद गोंडवाना, परमात्मानंद राय, शैलेंद्र,कन्हैया अग्रवाल, नरेंद्र चौधरी, परमात्मानंद तिवारी, अंजनी पांडेय आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता जितेंद्र मिश्र एवं संचालन संतोष सिंह ने किया।