रामगढ़। जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम ने मंगलवार की सुबह बैरिया तहसील के दूबे छपरा गांव में बाढ़ रोधी कार्य का जायजा लिया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मानक के अनुरूप कार्य नहीं होने की शिकायत की। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों को फटकार लगाई। उन्होंने चेतावनी दी कि काम में किसी प्रकार की लापरवाही मिलने पर कार्रवाई होगी।
बताते चले कि 29 करोड़ रुपये की लागत से दूबेछपरा में कटानरोधी कार्य चल रहा है, जिसमें 21 करोड़ की लागत से 750 मीटर की दूरी पर जीओ विधि से प्लेटफार्म का निर्माण कराया जा रहा है। यह कार्य लखनऊ की एक कंस्ट्रक्शन कंपनी को मिला है। जबकि दूसरी कंस्ट्रक्शन कंपनी को आठ करोड़ रुपये की लागत से एक स्पर लांचिंग पीचिंग और अपरन का कार्य दिया गया है।
जिलाधिकारी ने स्पर पर पहुंचकर मजदूरों की कमी और मानकों के विपरीत हो रहे कार्य पर बाढ़ विभाग के अधिकारी और ठेकेदारों की क्लास ली। वहीं, ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मानक के विपरीत कार्य कराने और कार्य मंदगति से होने का आरोप बाढ़ विभाग पर लगाया। जिलाधिकारी ने कहा कि सब्र कीजिए, गलत कार्य करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे।
उन्होंने बाढ़ विभाग के अधिकारी और ठेकेदारों को शाम सात बजे पूरे कागजात और मास्टरोल के साथ अपने आवास पर तलब किया। इस मौके पर एसडीएम बैरिया अरविंद कुमार, एसडीएम सदर निखिल टीकाराम फूंडे, सदर तहसीलदार विनय कुमार सिंह, बैरिया तहसीलदार मिश्री सिंह चौहान, नायब तहसीदार शशिकांत मणि, सहायक अभियंता मुन्ना यादव, जावेद अख्तर आदि लोग मौजूद रहे।
रात में जनरेटर चलाकर काम कराने का निर्देश
रामगढ़। जिलाधिकारी ने कहा कि आज से रात में जनरेटर चलाकर बाढ़ निरोधक कार्य कराए जाए। ग्राम प्रधान गोपालपुर मनोज यादव ने कहा कि केवल दो किमी के बंधे पर मात्र एक किमी तक की दूरी तक कार्य चल रहा है। शेष एक किमी की दूरी पर आखिर कब कार्य शुरू कराया जाएगा। जबकि पूरे कार्य के लिए ई-टेंडरिंग हो गया है।
आनन-फानन में डालने लगे बालू की बोरियां
रामगढ़। जैसे ही बाढ़ विभाग के अधिकारियों की सूचना मिली कि जिलाधिकारी डेंजर जोन गंगापुर पर पहुंच रहे हैं, वैसे ही बाढ़ विभाग के अधिकारियों के हाथ पांव फूलने लगे। डेंजर जोन गंगापुर पर नाव से बोरी में बालू डाल रहे मजदूरों को भगा दिया।
विधायक जेल भेजवाने की दे रहे हैं धमकी
रामगढ़। जिलाधिकारी से गोपालपुर के ग्रामीणों ने शिकायत की कि साहब हम लोग बाढ़ निरोधक कार्यो की निगरानी करते हैं और ठेकेदार मनमानी न कर पाए इसकी देखरेख करते हैं तो क्षेत्रीय विधायक हम लोगों को जेल भेजवाने की धमकी देते हैं। वह बिना मुआवजा दिए ही हमारी जमीन का अधिग्रहण करा रहे हैं। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी।
डूब क्षेत्र का सर्वे कराने का डीएम ने दिया निर्देश
लालगंज। जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्त्रस्म सिंह और एडीएम मनोज कुमार सिंघल, सतीघाट भुसौला पर बाढ़ और कटान का जायजा लेने मंगलवार की अपराह्न पहुंचे। इस दौरान उन्होंने एसडीएम बैरिया अरविंद कुमार को बाढ़ को ध्यान में रखते हुए नावों का रजिस्ट्रेशन करवाने और नावों पर नंबर डाल उनको बुकलेट देने का निर्देश दिया।
साथ ही क्षेत्रीय लेखपाल को कटान के मुहाने पर बसे लोगों के घरों का फोटो सहित सूची बनाने को कहा। जिलाधिकारी ने सभी डूब क्षेत्र का सर्वे कराने को भी कहा। बहुआरा ग्राम सभा के प्रधान प्रतिनिधि अमित सिंह ने पीछे साल का भी नावों का भुगतान नहीं होने की शिकायत जिलाधिकारी से की तो जिलाधिकारी ने कहा कि जिन नावों का पेमेंट नहीं हुआ है, उसकी सूची बनाकर आइए।
जिलाधिकारी ने जगदीशपुर व नरदरा को कटान से बचाने के स्थायी समाधान के सवाल पर बोले कि यहां पर स्थायी समाधान की अभी तक कोई योजना नहीं है। कटान से बचाने के लिए नदी में बालू भरी बोरिया, पेड़ पौधे, पतझड़, डाल कर कटान रोकने का प्रयास किया जाएगा।