बलिया। कोरोना वायरस के संक्रमण से होने वाली बीमारी कोविड-19 को रोकने के लिए अस्पतालों की स्थगित की गई सेवाएं 20 जून से बहाल की जाएंगी। इससे मरीजों को राहत मिलेगी। कोरोना के दृष्टिगत प्रदेश के समस्त चिकित्सालयों में ओपीडी सेवाएं बंद कर दी गयी थी। ओपीडी सेवा बंद होने से आम जनमानस को हो रही कठिनाइयों को दूर करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश शासन द्वारा नया दिशा निर्देश जारी किया गया है। यह जानकारी देते हुए सीएमओ डॉ. प्रीतम कुमार मिश्र ने बताया कि अब जिले की सभी प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों और प्राइवेट अस्पतालों की ओपीडी सेवा को बहाल करने का निर्णय लिया गया है। इसे लेकर प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किया है। इसमें प्राइवेट क्लिनिक के लिये स्पष्ट निर्देश है कि एक या दो चिकित्सक युक्त प्राइवेट क्लिनिक द्वारा ही ओपीडी सेवा प्रारंभ की जाए। उन्होंने बताया कि सभी प्रकार की ओपीडी सेवाएं प्रारंभ किये जाने से चिकित्सालयों में आने वाली भीड़ भी कम होगी। ओपीडी शुरू करने के लिए सुरक्षा मानकों का पूरी तरह से पालन करना होगा।
सीएमओ डा. प्रीतम कुमार मिश्र ने बताया कि सभी पीएचसी, सीएचसी और निजी अस्पतालों व क्लीनिकों की फर्श, दीवारें, फर्नीचर, दरवाजे, हैंडल को नियमित हाइपोक्लोराइड घोल से विसंक्रमण किया जाएगा। मरीज के साथ सहयोगी के रूप में 60 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति, बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को आने की अनुमति नहीं होगी। कोरोना से बचाव के लिए हरसंभव एहतियात बरती जाएगी।
पीएचसी और सीएचसी में इन बातों का रखना होगा ध्यान
स्वास्थ्य केंद्र पर आने वाले लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग करनी होगी, एक रोगी के साथ एक तीमारदार के ही आने की अनुमति दी जाए, रोगी एवं उसके साथ आने वाले व्यक्ति मास्क प्रयोग करेंगे, जुकाम, खांसी, बुखार या सांस लेने में तकलीफ वाले रोगियों की जांच और उपचार अलग कक्ष में होगा। इस तरह के लक्षण वाले लोग पंजीकरण काउंटर पर न जाएं, चिकित्सालय परिसर में विशेष कक्ष के संबंध में दिशा सूचक चिह्न बनाया जाए, मास्क और ग्लब्स पहनने वाले लोग ही पंजीकरण काउंटर पर पर्चा बनाएंगे, ओपोडी में अधिक रोगी आते है जिससे एक से अधिक काउंटर बनाए जाएं। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन जरूरी है।
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प्राइवेट अस्पतालों को सतर्कता बरतने के निर्देश
- एक या दो चिकित्सक युक्त प्राइवेट क्लिनिक ही ओपीडी शुरू कर सकेंगे, रोगियों को पहले से ही समय देकर ओपीडी का संचालन किया जाए, ओपीडी के प्रति घंटे 4 या 6 रोगियों को समय दिया जाए। भीड़ से बचा जाए, सामाजिक दूरी, मास्क का प्रयोग, बार-बार हाथ धोने आदि मानकों को पूरा किया जाए, चिकित्सालयों के चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ कोरोना प्रोटोकाल को लेकर प्रशिक्षण प्राप्त हों, चिकित्सालय में मरीजों को स्क्रीनिंग करने के लिए एक पृथक स्थल एवं सुरक्षित स्क्रीनिंग व्यवस्था स्थापित एवं क्रियाशील हो चिकित्सालय में मास्क, ग्लब्स और पीपीई किट की व्यवस्था होनी चाहिए
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