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Ballia News: पांच साल में सिर्फ 4 ने ली एनओसी, चल रहे 110 से ज्यादा होटल, लॉज

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नगर के टाउन हाल रोड ​स्थित एक होटल में लगी आग को बुझाते अ​ग्निशमन टीम के सदस्य। फाइल फोटो
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बलिया। फायर विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में सिर्फ 6 होटल और दो मैरिज हॉल के पास ही फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) है। जबकि शेष 104 प्रतिष्ठान बिना आवश्यक सुरक्षा मानकों के संचालन कर रहे हैं।
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जनपद में आग से सुरक्षा के नियमों को दरकिनार कर बड़ी संख्या में होटल, लॉज, रेस्टोरेंट और मैरिज हॉल संचालित किए जा रहे हैं। जिले में 110 से ज्यादा होटल, लॉज चल रहे हैं। लापरवाही की हालत यह है कि पांच साल में सिर्फ चार होटल ने एनओसी लिया है। इससे पहले सिर्फ दो होटल ने एनओसी लिया था। इन होटलों में आग लगने पर बचाव के संसाधनों की कमी है। सेंट्रलाइज फायर सिस्टम नहीं लगे हैं।
शहर के रेलवे स्टेशन क्षेत्र समेत कई इलाकों में आवासीय भवनों और दुकानों में होटल व लॉज संचालित किए जा रहे हैं। इनमें से कई प्रतिष्ठान संकरी गलियों में स्थित हैं। जहां आग लगने की स्थिति में फायर ब्रिगेड की गाड़ियों का पहुंचना भी मुश्किल हो सकता है। हाल ही में दिल्ली में आग लगने की घटना में 21 लोगों की मौत के बावजूद स्थानीय स्तर पर सुरक्षा को लेकर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई दे रही है।
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नोटिस जारी, लेकिन कार्रवाई नहीं

जिला प्रशासन की जांच में शहर के 11 होटल और लॉज बिना पंजीकरण और मानकों के विपरीत संचालित होते पाए गए थे। इसके बाद नगर मजिस्ट्रेट ने सराय अधिनियम-1867 की धारा-3 के तहत नोटिस जारी किया, लेकिन नोटिस के बावजूद इन प्रतिष्ठानों का संचालन पूर्ववत जारी है।

मैरिज हॉल में भी सुरक्षा व्यवस्था नदारद

अधिकांश मैरिज हॉल आबादी के बीच और मुख्य सड़कों के किनारे संचालित हो रहे हैं। इनमें पार्किंग की समुचित व्यवस्था नहीं होने से आयोजनों के दौरान सड़कों पर जाम की स्थिति बन जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार भारी विद्युत सजावट और अस्थायी वायरिंग के कारण शॉर्ट सर्किट का खतरा बना रहता है। इसके बावजूद अधिकांश मैरिज हॉल में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं और न ही फायर विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लिया गया है।

रेस्टोरेंट में आग लगने पर सामने आई खामियां

कुछ दिन पूर्व शहर के टाउन हॉल रोड स्थित एक रेस्टोरेंट के किचन में आग लगने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी थी। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड को पता चला कि रेस्टोरेंट और उसके ऊपर स्थित होटल तक पहुंचने के लिए सिर्फ एक ही सीढ़ी थी। ऐसे में राहत और बचाव कार्य में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। फायर कर्मियों ने अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर आग पर काबू पाया।



शिकायत मिलने पर होती है कार्रवाई

मुख्य अग्निशमन अधिकारी भारतेंदु जोशी ने बताया कि होटल, लॉज और मैरिज हॉल संचालकों के यहां समय-समय पर अभियान चलाकर सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जाती है। आग से बचाव के उपाय सुनिश्चित करने के लिए नोटिस जारी किए जाते हैं और आवश्यक उपकरण लगाने के निर्देश दिए जाते हैं। शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई भी की जाती है।
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