जिले में लगभग डेढ़ से दौ सौ की संख्या में मैरिज हाल संचालित हो रहे हैं। लेकिन इनमें से एक भी वैध नहीं है। न तो किसी का कहीं कोई रजिस्ट्रेशन है और न ही किसी ने संबंधित विभागों से एनओसी ही ली है। किसी के पास भी पार्किगिं की कोई सुविधा नहीं है और यहां आने वालों के वाहन गेट के बाहर रोड पर ही खड़े होते हैं। कूड़ा निस्तारण के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं है। ये या तो कूड़े को उन स्थानों पर फेंक देते हैं जहां कूड़ा इकट्ठा होता है या नगर पालिका की गाड़ी इनके यहां से जाकर कूड़ा उठाती है।
हालांकि अब नगर में संचालित मैरिज हाल संचालकों के लिए नगर पालिका ने बाईलाज तैयार कराया है, लेकिन अभी उस पर अमल नहीं कराया गया है। ईओ नगर पालिका दिनेश कुमार विश्वकर्मा का कहना है कि ददरी मेला समाप्त होने के बाद इसकी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जिला मुख्यालय के साथ ही जिले भर में जगह-जगह खुले मैरिज हाल में सुरक्षा मानकों का कोई ध्यान नहीं रखा जा रहा है। कुछ बड़े मैरिज हाल को छोड़ दें तो किसी भी मैरिज हॉल ने अग्निशमन विभाग से एनओसी नहीं ली है। कई में तो फायर इंस्टीग्यूशर भी नहीं लगे हैं। अग्निशमन विभाग की माने तो मैरिज हॉल संचालकों को कई बार नोटिस भेजा गया है, लेकिन वे कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिलाधिकारी को भी इसकी जानकारी दी गई है।
धीरेंद्र सिंह यादव, मुख्य अग्निशमन अधिकारी का कहना है कि एनओसी के लिए मैरिज हॉल संचालकों को कई बार नोटिस भेजा गया है, लेकिन वे कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। आवश्यक कार्रवाई के लिए इसकी जानकारी जिलाधिकारी को भी पत्र के माध्यम से दी गई है। इनके खिलाफ कार्रवाई का अधिकार उन्हीं के पास है।
दिनेश कुमार विश्वकर्मा, ईओ नगर पालिका का कहना है कि नगर में संचालित किसी भी मैरिज हाल का नगर पालिका में रजिस्ट्रेशन नहीं है। इसके लिए एक बाईलाज तैयार किया गया है, लेकिन मेला में व्यस्तता की वजह से अभी इनफोर्स नहीं किया जा सका है। इनके यहां निकलने वाला कूड़ा नगर पालिका की गाड़ी जाकर उठाती है। मेला के बाद बाईलाज के हिसाब से रजिस्ट्रेशन आदि की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
यह होना जरूरी-
- मैरिज हॉल तक अग्निशमन गाड़ी जाने के लिए रास्ता तथा फायर इंस्टिग्यूशर होना चाहिये।
- मैरिज हॉल में आपातकालीन खिड़की होना चाहिये।
- मैरिज हॉल में दो पक्की सीढ़ी होनी चाहिये।
-आग बुझाने के लिए पानी की पाइप लाइन होनी चाहिये।
-मैरिज हॉल में पार्किगिं सिस्टम होना चाहिये।
-मैरिज हॉल के बाहर फिक्स फायर फाइटिंग सिस्टम होना चाहिये।